JNUSU Election 2018 Result Live: वोटो की गिनती जारी, लेफ्ट आगे
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) चुनाव में रिकॉर्ड 68 फीसदी मतदान हुआ है। छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में वर्ष 2007 के बाद सर्वाधिक विद्यार्थियों ने अपने मत का प्रयोग किया है। वर्ष 2007 में 68.43 फीसदी मतदान हुआ था। सुबह दस से शाम साढ़े पांच बजे तक मतदान के बाद शुक्रवार रात दस बजे से मतगणना शुरू हो गई। चुनाव के नतीजे शनिवार आधी रात या फिर रविवार सुबह आने की संभावना है।
गौरतलब है कि कल रात 10 बजे से ही मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन कुछ ही देर बाद कुछ ऐसा हुआ कि मतगणना स्थगित कर दी गई। बता दें कि जेएनयू के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि मतगणना शुरू होते ही स्थगित कर दी गई। दरअसल काउंटिंग शुरू होने के कुछ ही देर बाद कुछ मतगणना स्थल पर जबरदस्ती पहुंचकर सील बैलट बॉक्स और बैलट पेपर ले जाने की कोशिश करने लगे।
फिलहाल मतगणना जारी है। खबर लिखे जाने तक
अध्यक्ष पद
एबीवीपी: 202
आरजेडी: 102
लेफ्ट: 183
बीएपीएसए: 51
एनएसयूआई: 51
उपाध्यक्ष पद
एबीवीपी: 202
लेफ्ट: 222
बीएपीएसए: 35
एनएसयूआई: 142
सचिव पद
एबीवीपी: 241
लेफ्ट: 212
बीएपीएसए: 56
एनएसयूआई: 52
उपसचिव पद
एबीवीपी: 236
लेफ्ट: 178
बीएपीएसए: 59
एनएसयूआई: 86
मतदान गणना के दौरान हुई बवाल को लेकर एनएसयूआई छात्रनेता लाराइब नियाज़ी ने कहा कि जब वे एबीवीपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद वसंत कुंज पुलिस स्टेशन से वापस आ रहे थे, तब तीन लोगों ने उनपर हमला किया था।
जेएनयूएसयू चुनाव आयोग 2018-19 ने जानकारी दी है कि बैलट बॉक्स चोरी करने के प्रयास के साथ ही मतगणना स्थल पर मौजूद आयोग के महिला सदस्यों व अन्य सदस्यों के साथ मारपीट व हिंसा की गई।
वहीं एबीवीपी का आरोप है कि जेएनयूएसयू इलेक्शन की पहली राउंड काउंटिंग (साइंस स्कूल और अन्य स्पेशल सेन्टर) शुरू होने के समय एबीवीपी के काउंटिंग एजेंट को बुलाए बिना चुनाव आयोग के सदस्यों ने लेफ्ट के कार्यकर्ताओं के साथ काउंटिंग शुरू कर दिया। इनका आरोप है कि आयोग और लेफ्ट दोनों के सदस्य मिलकर साजिश और धांधली कर रहे हैं। ऐसा चुनाव हम नहीं मानते, हमें काउंटिंग में नहीं बुलाया जा रहा है।
वहीं आईसा का आरोप है कि आज सुबह 4 बजे एबीवीपी के कुछ लोगों ने एसआईएस की बिल्डिंग के कांच तोड़ दिए। चुनाव आयोग ने मतगणना रोक दी है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने एबीवीपी से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है क्योंकि एबीवीपी के लोगों ने ईसी के सदस्यों को घायल कर दिया है। इसके साथ ही आईसा का ये भी आरोप है कि एबीवीपी ने मतगणना बूथ पर जाम लगा कर रख दिया है।
जेएनयू चुनाव समिति के आयुक्त हिमांशु कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, स्कूल ऑफ इनवायरमेंटल स्टडीज (एसईएस), स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस), स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज, लिट्रेचर एंड कल्चर स्टडीज (एसएलएलसी) और स्कूल ऑफ सोशल साइंस (एसएसएस) में मतदान केंद्र बनाए गए थे।। कैंपस में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। देर रात मतगणना शुरू हो गई। शनिवार से काउंसलर्स और उसके बाद सेंट्रल पैनल के चुने गए प्रत्याशियों के नाम सामने आएंगे।
पहले चरण में 40 फीसदी मतदान
सुबह दस से एक बजे तक करीब 40 फीसदी मतदान हुआ। दुपहर ढाई से साढ़े पांच बजे तक 28 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान की शुरुआत में केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें लग गईं। 11 बजे तक इसमें कमी आ गई। उसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब फिर मतदाताओं की लंबी लाइन लग गईं। शाम चार बजे के बाद भी खासा मतदान हुआ।
नीले और लाल झंडे के बीच तिरंगा
मतदान केंद्रों के बाहर नीले और लाल झंडे के बीच एबीवीपी कार्यकर्ता तिरंगा लेकर मतदाताओं को जागरूक करते दिखे। बापसा नीले झंडे के साथ तो वामपंथी एकता पैनल (आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई, डीएसफ) लाल झंडे के साथ ढपली पर अपने प्रत्याशियों के नाम पर आधारित तैयार गाने के बोल से मतदाताओं से वोट मांगते दिखे।
एबीवीपी तिरंगे के साथ देशभक्ति का रंग भरता रहा। उधर, राजद प्रत्याशी ने लालटेन के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कैंपस में दिनभर मतदान के दौरान हार-जीत के कयास लगाए जाते रहे। सीधा मुकाबला लेफ्ट और बापसा के बीच है। एबीवीपी के सेंट्रल से काउंसलर पद पर जीत के कयास लग रहे हैं।
मिनी भारत की दिखी झलक
लेफ्ट की डफली के बीच भगवा का मजीरा
केंद्र में मोदी लहर का ही कमाल था कि वर्ष 2014 छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने लाल दुर्ग में भगवा फहराया था। सेंट्रल पैनल से लेकर काउंसलर पद की रेस में एबीवीपी को लगातार जीत मिलने के चलते ही कैंपस में अब लेफ्ट की डफली के बीच भगवा का मजीरा भी खूब रंग जमाता है। लेफ्ट के छात्र डफली से मतदाताओं को रिझाते रहे तो एबीवीपी ने हिंदूवादी सोच के तहत शंखनाद कर शुभ काम करने का संदेश दिया।
वर्ष मतदान फीसदी
2007 68.43
मार्च 2012 58.7
सितंबर 2012 60
2013 56
2014 55
2015 53.33
2016 59.60
2017 58.69