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नामांकन रद्द मामले में विकास यादव दायर करेंगे अपील, आरएसएस-भाजपा पर लगा रहे आरोप

Sat, 08 Sep 2018 10:22 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 08 Sep 2018 10:22 PM IST
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Jnu Students Elections 2018 Vikas Yadav files appeal in Nominative case
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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई अध्यक्ष पद प्रत्याशी विकास यादव नामांकन रद्द मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। अपील के माध्यम से हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का तर्क भी रखा जाएगा, जिसमें अदालत ने एक पुराने मामले में जेएनयू प्रबंधन को दोबारा जांच के आदेश दिए थे। जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उस मामले की जांच शुरू भी नहीं की और ग्रीवांस सेल ने उसी आधार पर नामांकन रद्द का फैसला सुना दिया। इसके अलावा विकास अदालत से नामांकन बहाल करने की मांग भी करेंगे।

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एनएसयूआई अध्यक्ष प्रत्याशी के नामांकन रद्द मामले में एआईसीसी व एनएसयूआई ने प्रेस कांफ्रेंस में विश्वविद्यालय प्रबंधन के फैसले पर आपत्ति जताई। एआईसीसी सचिव रुचि गुप्ता के मुताबिक, आरएसएस-भाजपा के इशारे पर एनएसयूआई अध्यक्ष प्रत्याशी का नामांकन षडयंत्र के तहत रद्द किया गया है।
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जेएनयू प्रबंधन छात्र अधिकारों को दबाने और छात्र हितों में खड़े लोगों को सुनवाई का मौका दिए बगैर नामांकन रद्द कर रहा है। रुचि गुप्ता ने बताया कि विकास यादव को सात सितंबर की दोपहर 12.17 मिनट पर ईमेल भेजा गया था।

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रविवार को कुलपति निवास के घेराव की योजना 

इसमें पांच सितंबर को उनके खिलाफ दायर शिकायत के संबंध में शिकायत निवारण समिति (ग्रीवांस सेल) के समक्ष सुनवाई के लिए 12:30 बजे स्वयं उपस्थित होने का निर्देश था। ग्रीवांस सेल को जेएनयू प्रशासन या डीन कार्यालय के बाहर छात्रों द्वारा विरोध के बाद भी विकास यादव को उन तथ्यों के बारे में सूचित नहीं किया गया, जिसके चलते नामांकन पत्र रद्द किया गया।
              
रुचि गुप्ता के मुताबिक, बाद में जानकारी मिली कि फरवरी में विश्वविद्यालय की रोक के बावजूद विरोध प्रदर्शन मामले में नामांकन रद्द हुआ है। एनएसयूआई अधिकारियों का कहना था कि जब तक विकास यादव को न्याय नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।              

विकास यादव का कहना है कि रविवार को कुलपति निवास के घेराव की योजना बनाई जा रही है। उससे पहले मतदाताओं व अन्य छात्र संगठनों से भी बात की जाएगी। मतदाताओं को समझाया जाएगा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन मनमर्जी से किस प्रकार छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों का नामांकन रद्द करवा रहा है।

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