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जेएनयू : पुलिस ने दाखिल की रिपोर्ट, तीन चैनलों के खिलाफ की गई थी शिकायत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jul 2016 07:54 PM IST
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जेएनयू नारेबाजी विवाद मामले में दिल्ली सरकार की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी। दिल्ली सरकार ने इस मामले में तीन समाचार चैनलों के खिलाफ शिकायत की थी।
अदालत ने इस रिपोर्ट पर सुनवाई के लिये 24 अगस्त की तारीख तय की है। दिल्ली सरकार ने तीन चैनलों पर आरोप लगाया था कि जो वीडियो चैनलों पर चलाई गई थीं, उससे छेड़छाड़ हुई थी।
इस शिकायत पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश 26 मई को दिया था। पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास के समक्ष मंगलवार को स्पेशल सेल के डीसीपी पीएस कुशवाहा ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।
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पुलिस ने अदालत से कहा कि इस रिपोर्ट को सीलबंद रखा जाये क्योंकि अभी मामले की जांच चल रही है। कोर्ट ने हालांकि पुलिस की इस बात को मानने से इंकार कर दिया।
अदालत ने मामले में एक आरोपी चैनल की अर्जी पर फैसला भी अगली तारीख तक सुरक्षित रख लिया है। एक समाचार चैनल के एडिटर इन चीफ ने सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
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अदालत ने इस रिपोर्ट पर सुनवाई के लिये 24 अगस्त की तारीख तय की है। दिल्ली सरकार ने तीन चैनलों पर आरोप लगाया था कि जो वीडियो चैनलों पर चलाई गई थीं, उससे छेड़छाड़ हुई थी।
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इस शिकायत पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश 26 मई को दिया था। पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास के समक्ष मंगलवार को स्पेशल सेल के डीसीपी पीएस कुशवाहा ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।
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पुलिस ने अदालत से कहा कि इस रिपोर्ट को सीलबंद रखा जाये क्योंकि अभी मामले की जांच चल रही है। कोर्ट ने हालांकि पुलिस की इस बात को मानने से इंकार कर दिया।
अदालत ने मामले में एक आरोपी चैनल की अर्जी पर फैसला भी अगली तारीख तक सुरक्षित रख लिया है। एक समाचार चैनल के एडिटर इन चीफ ने सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
चैनलों पर लगा था अशांति फैलाने और जनता को भड़काने का आरोप
जेएनयू
- फोटो : ब्यूरो
संपादक ने अपनी अर्जी में कहा था कि इस मामले में थाना वसंत कुंज नार्थ में 11 फरवरी को एफआइआर दर्ज की गई थी। सरकार ने जिस वीडियो को डॉक्टर्ड बताया है वह इस केस में जांच का आधार है।
दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और उसके बाद ही वीडियो की सत्यता का पता चल सकता है। इसलिए फिलहाल इस शिकायत की सुनवाई पर रोक लगा दी जाए।
दिल्ली सरकार की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीहरन ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि सरकार की शिकायत व एफआइआर की विषय वस्तु अलग-अलग है।
दिल्ली सरकार ने तीन चैनलों व उनके संपादकों के खिलाफ शिकायत दायर कर उन पर डॉक्टर्ड वीडियो चला कर अशांति फैलाने और जनता को भड़काने का आरोप लगाया था। सरकार ने इन चैनलों को समन जारी कर मुकदमा चलाने की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और उसके बाद ही वीडियो की सत्यता का पता चल सकता है। इसलिए फिलहाल इस शिकायत की सुनवाई पर रोक लगा दी जाए।
दिल्ली सरकार की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीहरन ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि सरकार की शिकायत व एफआइआर की विषय वस्तु अलग-अलग है।
दिल्ली सरकार ने तीन चैनलों व उनके संपादकों के खिलाफ शिकायत दायर कर उन पर डॉक्टर्ड वीडियो चला कर अशांति फैलाने और जनता को भड़काने का आरोप लगाया था। सरकार ने इन चैनलों को समन जारी कर मुकदमा चलाने की मांग की थी।