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जेएनयू : सात एमेरिटस प्रोफेसरों ने कुलपति के कामकाज पर उठाए सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 06 Oct 2017 10:19 AM IST
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JNU
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के सात एमेरिटस (पूर्व प्रोफेसर या सेवामुक्त) ने कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। एमेरिटस प्रोफेसरों ने कुलपति पर सीनियर फैकल्टी की अनदेखी कर जूनियर को प्रमोट करने, छात्रों की बात न सुनने समेत फैसलों में मनमर्जी का भी आरोप लगाया है।
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सात एमेरिटस रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, जोया हसन, उत्सा पटनायक, एचएस गिल, दीपक नय्यर और अनिल भट्टी ने बृहस्पतिवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि कुलपति के फैसले विरोधाभासीे हैं।
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पहले जेएनयू में जिस प्रकार से काम होता था, आज उसके विपरीत हो रहा है। पहले विवि प्रबंधन के सभी फैसलों में छात्रों समेत शिक्षकों का समर्थन हासिल होता था। पूर्व में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर फैसलों में अकादमिक स्वायत्तता को भी ध्यान रखा जाता था।
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पिछले दिनों पांच सीनियर प्रोफेसर की अनदेखी करते हुए जूनियर को स्कूल ऑफ सोशल साइंस का डीन बना दिया गया। वहीं, प्रो. नवेदिता मेनन को पांच साल के लिए चेयरपर्सन के पद से निष्कासित करने का फैसला सबसे अधिक विवादों में है।
जबकि इसके खिलाफ देश समेत विदेशी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान याचिका के माध्यम से दखल देने की मांग रखी है। छात्रों का एक बड़ा वर्ग कुलपति के कामकाज के रवैये से नाखुश है।