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जेईई एडवांसः गुरुग्राम के केशव ने देश में हासिल की 5वीं रैंक, भौतिक विज्ञान में करना चाहते हैं बड़ा शोध
Mon, 05 Oct 2020 06:15 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 05 Oct 2020 06:15 PM IST
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जेईई एडवांस में ऑल इंडिया पांचवीं रैंक हासिल करने वाले केशव
- फोटो : अमर उजाला
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JEE Advanced 2020 के नतीजे सोमवार सुबह जारी हुए। गुरुग्राम के केशव अग्रवाल ने देशभर में पांचवीं रैंक हासिल की है। केशव ने पहले प्रयास में ही रैंक हासिल कर गुरुग्राम सहित प्रदेश का नाम रोशन किया। परीक्षा का आयोजन 27 सितंबर को किया गया था। मात्र 7 दिन के भीतर ही परिणाम जारी किए गए हैं। यह परिणाम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी IIT की ओर से जारी किए गए हैं।
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केशव सेक्टर 47 निवासी है। उन्होंने जेईई मेन्स में 181वीं रैक हासिल की थी। जिसके बाद वे लगातार एडवांस की तैयारी में जुटे हुए थे। वे दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-45 के छात्र हैं। बारहवीं में 95.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
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इस रैंक को हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी कई पसंदीदा चीजों को छोड़ दिया था। वे 10 घंटे से ज्यादा समय इस परीक्षा की तैयारी में लगाते रहे हैं। उन्हें फुटबॉल खेलने और उपन्यास पढ़ने का शौक है।परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने इन सभी शौक को छोड़ दिया था। बेहतर रैंक हासिल करने के बाद वे सबसे पहले फुटबॉल खेलना व दोस्तों से मिलना चाहते हैं।
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केशव अग्रवाल के पिता नवीन कुमार अग्रवाल भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं एवं मां मीनू अग्रवाल गृहणी हैं। उनके अभिभावकों का कहना है कि वे केशव की मेहनत पर दंग रहते हैं। उन्हें कभी भी अपने बेटे को पढ़ने के लिए नहीं बोलना पड़ा।
भौतिक विज्ञान में करना चाहते हैं बड़ा शोध
केशव ने बताया कि पहले से टॉपर्स में शामिल होने का अंदाजा लगा चुके थे। नौंवी कक्षा के समय से ही इस परीक्षा में बेहतरीन रैंक हासिल करने का सपना देख चुके थे। वे भौतिक विज्ञान में रुचि रखते हैं। वे भविष्य में भौतिक विज्ञान में एक बड़ा शोध करेंगे। भौतिक विज्ञान से जुड़ी रिसर्च करना उन्हें सबसे दिलचस्प लगता है। अभी किसी भी संस्थान के चयन को लेकर किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं। वे पहले सभी कॉलेजों का रिव्यू कर ही चयन करेंगे।
कोरोना ने किया प्रभावित, जारी रखा प्रयास
केशव ने बताया कि कोरोना काल में बार-बार परीक्षा का स्थगित होना उन्हें प्रभावित कर रहा था। इसके बाद जारी विरोध ने तैयारी में अनियमतता बना दी थी। बावजूद इसके वे लगातार तैयारी करते रहे। छात्रों को सफलता हासिल करने के लिए अपना प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए। बाधाएं सभी के सामने आती है। मगर निरंतर प्रयास यदि जारी है तो कोई भी रैंक हासिल कर सकता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए मॉक टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए।