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जामिया मिल्लिया के पूर्व कुलपति प्रो. मुशीरुल हसन सुपुर्द-ए-खाक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Dec 2018 11:03 AM IST
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जामिया के पूर्व कुलपति प्रो. मुशीरुल हसन निधन हो गया
- फोटो : अमर उजाला
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व कुलपति, इतिहासकार व शिक्षाविद पद्मश्री प्रो. मुशीरुल हसन (69) का सोमवार को निधन हो गया। जामिया कैंपस में ही बने कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जामिया, जेएनयू और डीयू के कई शिक्षाविदों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी समेत कई लोगों ने ट्वीट कर उनके निधन पर दुख जताया।
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प्रो. हसन ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। वह वर्ष 1992 से 1996 के दौरान जामिया के उप कुलपति और 2004 से 2009 के बीच कुलपति रहे थे।
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इसके अलावा वह वर्ष 2002 में भारतीय इतिहास कांग्रेस के अध्यक्ष, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के उपाध्यक्ष और ईरान स्थित दूतावास में इंडो-ईरान सोसाइटी के अध्यक्ष भी रहे थे।
प्रो. हसन ने कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें ए मॉरल रेकनिंग, रोड्स टू फ्रीडम, फ्रॉम प्लूरलिज्म टू सेपरेटिज्म, बिटविन मॉडर्निटी एंड नेशनलिज्म जैसी किताबें हैं। उन्हें वर्ष 2007 में पद्श्री से सम्मानित किया गया था।