डीयू के लिए फीस रिफंड करना बना परेशानी का सबब
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दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए फीस रिफंड करना अब भी परेशानी का सबब बना हुआ है। प्रशासन बीते एक माह से चली प्रक्रिया के तहत पीजी स्तर के छात्रों की फीस रिफंड करने में तो सफल रहा है। लेकिन प्रशासन को यूजी दाखिले के लिए आई फीस को वापस करने में दिक्कत आ रही है।
छात्रों के बैंक का आईएफएससी कोड, खाता बदलने के कारण यह यूजी छात्रों की फीस अब तक वापस नहीं हो पाई है। प्रशासन को उम्मीद है कि किसी तरह से अगले सप्ताह तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस माह की शुरुआत में ऐसे 13 हजार छात्रों की सूची तैयार की थी जो फीस वापस लेने में रुचि नहीं दिखा रहे। प्रशासन ने छात्रों को ईमेल के माध्यम से अपने खाते की जानकारी या फीस को लेकर विसंगति की जानकारी देने को कहा था।
मेरिट के आधार पर दाखिला लेने वालो को हो रही परेशानी
डीयू के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार पीजी स्तर के छात्रों की फीस रिफंड करने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। अब दिक्कत यूजी के ऐसे छात्रों की फीस को लेकर आ रही है जिन्होंने मेरिट के आधार पर दाखिला लिया। जबकि यूजी में प्रवेश परीक्षा के आधार पर लेने वाले छात्रों की फीस को भी रिफंड कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन को परेशानी इसलिए आ रही है क्योंकि कई छात्रों के बैंक खाते के आईएफएससी कोड बदल गए हैं तो कई छात्रों के बैंक खाते बदल गए हैं। ऐसे में यदि खाते में फीस रिफंड करनी हो तो कैसे होगी। हालांकि अब भी कई छात्र अपनी विसंगतियों को लेकर पहुंच रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अभी पहले वाले मामलों की फीस रिफंड प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रशासन ने पांच तरह की सूची तैयार की थी। जिनकी ज्यादा-डबल दाखिला फीस रिफंड होनी है, जिनकी फीस रिफंड करनी है लेकिन बैंक खाते की जानकारी नहीं है, जिन्होंने दाखिला नहीं लिया लेकिन उनकी आंशिक दाखिला शुल्क अभी भी लंबित है, जिन्होंने निर्धारित समय केभीतर दाखिले को रद कराया, ऐसे छात्र जो अपना दाखिला रद करा चुके हैं और जिनकी फीस रिफंड करने के लिए उनके बैंक खाते की जानकारी नहीं हैं।