फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   IPU has doubled the fees, fees of 40 thousand to 70 per thousand now

आईपीयू में फीस हुई दोगुनी, 40 हजार की फीस अब बढ़कर 70 हजार 

Thu, 11 Aug 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Aug 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
IPU has doubled the fees, fees of 40 thousand to 70 per thousand now
स्टूडेंट - फोटो : Demo pic

गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में फीस में बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली फीस रेगुलेटरी कमीशन की सिफारिशों के आधार पर फीस को दोगुना किया गया है। 

विज्ञापन


छात्रों को अब 40 हजार की फीस की जगह 70 हजार का भुगतान करना होगा। यह बढ़ी हुई फीस केवल शैक्षणिक सत्र 2016-17 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। यदि आईपीयू से संबद्ध कोई संस्थान पहले से अधिक फीस ले रहा है तो वह ऐसा नहीं कर सकेगा। 
विज्ञापन


आईपीयू में लगभग दोगुनी फीस की घोषणा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दिल्ली फीस रेगुलेटरी कमीशन की सिफारिशों को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की मंजूरी के बाद आईपीयू की फीस में बढ़ोतरी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फीस बढ़ोतरी के कारण बीते साल तक यूनिवर्सिटी में लगने वाली 40 हजार की फीस अब 70 हजार हो गई है। जबकि इंस्टीट्यूट स्तर पर विभिन्न कोर्सेज के लिए बीते साल तक लगने वाले 70 से 90 हजार वार्षिक फीस बढ़कर 1 लाख 40 हजार से 1 लाख 60 हजार तक पहुंच गई है।
 
आईपीयू प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार देखा जा रहा था कि आईपीयू से संबद्ध कुछ शिक्षण संस्थान छात्रों से तय फीस से अधिक फीस ले रहे थे। 

ऐसे में इन संस्थानों पर लगाम लगाने के लिए व छात्रों को अभिभावकों को फीस के ढांचे को स्पष्ट करने के लिए इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है।

आईपीयू की ओर से अभिभावकों को कहा गया है कि वह तय फीस से अधिक फीस का भुगतान ना करें। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता नलिनी रंजन के मुताबिक, इससे पहले फीस में बढ़ोतरी वर्ष 2011-12 में हुई थी।

 दरअसल नियमानुसार प्रत्येक दो साल में फीस बढ़ोतरी होती है। फीस रेगुलेटरी कमेटी ने वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 के लिए फीस बढ़ोतरी की सिफारिश दी थी। 


लेकिन फीस बढ़ोतरी पर विरोध होने के कारण वह टल गई थी। अब फिर से फीस को बढ़ा दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि यह बढ़ी फीस केवल 2016-17 में दाखिले लेने वाले छात्रों पर ही लागू होगी। जबकि पुराने छात्र को फीस के पूर्व ढांचे के मुताबिक ही फीस का भुगतान करना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed