डीम्ड यूनिवर्सिटी : फर्जी तरीके से कोर्स कराने पर लग सकेगी लगाम

ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 05 Nov 2017 10:22 AM IST
in deemed university starting fake course will be a hurdle
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर में फर्जी तरीके से कोर्स करा रही डीम्ड यूनिवर्सिटी पर लगाम लगेगी। ऐसी बहुत सी डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं जिन्हें पत्राचार से कोर्स कराने की मान्यता नहीं है लेकिन वह करा रही हैं। आदेश से कम अंक वालों के लिए दाखिले की राह भी मुश्किल होगी। दरअसल कम अंक वालों को न्यूनतम योग्यता के आधार पर दाखिला मिल जाता है, लेकिन अब यह मुश्किल हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक आदेश में सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों को बिना यूजीसी, एसआईसीटीई, डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल (डीईसी) की अनुमति के बिना पत्राचार से किसी भी कोर्स को चलाने पर रोक लगा दी है। ऐसा देखने में आता है कि डीम्ड विश्वविद्यालय किसी एक कोर्स के लिए अनुमति ले लेते हैं। लेकिन अब उन्हें पत्राचार से हर कोर्स को चलाने के लिए अलग-अलग ही अनुमति लेना होगी।

सेंट्रल व स्टेट यूनिवर्सिटी के समकक्ष होने के कारण इनमें हजारों की संख्या में हर साल छात्र दाखिला लेते हैं। इस आदेश से प्रबंधन, मेडिकल, इंजीनियरिंग, और फॉर्मेसी समेत कई अन्य पाठ्यक्रम जो तकनीकी पाठ्यक्रम की श्रेणी में आते हैं, अब छात्र इनकी पढ़ाई पत्राचार माध्यम से नहीं कर पाएंगे। ऐसा माना जाता है कि पत्राचार के माध्यम से उन्हें व्यवहारिक ज्ञान नहीं हो पाता है। 
चूंकि पत्राचार माध्यम से तकनीकी कोर्सेज नहीं हो सकेंगे, ऐसे में घर बैठे पढ़ाई करने का सपना भी पूरा नहीं हो सकेगा।

एक अनुमान के मुताबिक देश भर में 100 से ऊपर डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं, जिनमें से कुछ में पत्राचार से विभिन्न कोर्सेज की पढ़ाई कराई जाती है। अनुमानत: हजारों की संख्या में छात्रों को पत्राचार से पढ़ाई न कर पाने के कारण एक झटका लगेगा। क्योंकि रेगुलर में उनके लिए दाखिला मुश्किल होने पर वह ऐसी डीम्ड यूनिवर्सिटी की और रुख करते हैं जो कि पत्राचार से कोर्सेज कराने का दावा करती हैं।

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