दीक्षांत समारोह में बोले गृहमंत्री, एम्स के भरोसे को बनाए रखें
दीक्षांत समारोह में 592 चिकित्सीय और नर्सिंग छात्र-छात्राओं को दी गई डिग्री
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, दो वर्षों में एम्स में बिस्तरों की संख्या हो जाएगी दोगुनी
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 44वें दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस, पीजी और नर्सिंग के कुल 592 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। वर्ष-2015 के श्रेष्ठ स्नातक का अवॉर्ड मेहनाज कौर ग्रेवाल को दिया गया। इसके अलावा अलग-अलग विषयों और अलग क्षेत्र में अव्वल रहने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
संस्थान की हीरक जयंती के अवसर पर संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने एम्स के नाम से डाक टिकट भी जारी किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, एम्स के अध्यक्ष सह केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा सहित एम्स के चिकित्सक और डिग्री पाने वाले नवोदित चिकित्सक आदि उपस्थित थे।
गृहमंत्री ने डिग्री पाने वाले नवोदित चिकित्सकों से कहा कि पृथ्वी पर चिकित्सक को भगवान माना जाता है। इस विश्वास को बनाए रखें। लोगों का भरोसा नहीं टूटना चाहिए, क्योंकि जब मरीज जिंदगी से आस छोड़ देता है, तब भी उनका एम्स के डॉक्टरों पर भरोसा होता है।
उन्हें लगता है कि यदि एम्स में इलाज मिल जाए, तो जिंदगी बच जाएगी। राजनाथ सिंह ने अपने पेशे के साथ-साथ स्वच्छता बनाए रखने का भी प्रण लेने की अपील की। जेपी नड्डा ने एम्स में डिग्री पाने वाले नवोदित छात्र-छात्राओं को बधाई दी और कहा कि एम्स में काम का जो तौर-तरीका है, उसे आप कहीं भी जाएं, बनाए रखें।
आर्टिकल पब्लिकेशन में एम्स विश्व में तीसरे स्थान पर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में एम्स में बिस्तरों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। पांच से सात वर्षों में बिस्तरों की संख्या 6000 हजार से ज्यादा हो जाएगी। एम्स में प्रति वर्ष करीब 40 लाख मरीजों को इलाज मिलता है, लिहाजा एम्स के फंड में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
आर्टिकल पब्लिकेशन में एम्स विश्व में तीसरे स्थान पर
एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने कहा कि आर्टिकल प्रकाशित होने के मामले में एम्स विश्व में तीसरे स्थान पर है। पिछले एक वर्ष में एम्स में 200 सम्मेलन और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सीय संस्थानों के चिकित्सक और विशेषज्ञ भी शामिल हुए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ मिलकर कई प्रोजेक्ट पर एम्स में काम चल रहा है।
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित
एम्स के पूर्व चिकित्सकों को उनके कार्यकाल के दौरान अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। डॉ. नवीन सी नायक, डॉ. मनमोहन कपूर, डॉ. पीके खोसला, डॉ. एसएस सिद्धू, डॉ. पीके दवे को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
इन्हें मिली डिग्री
एमबीबीएस के 76, पीएचडी के 82, एमसीएच के 33, डीएम के 56, एमडी के 156, एमएस के 25, एमडीएस के 12, एमएचए के 2, एमएससी के 39, एमबायोटेक के 12, नर्सिंग में 79 समेत अन्य छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं।