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आईआईटी में हिंदी व क्षेत्रीय भाषायी छात्र पढ़ाई में पिछड़े, स्पेशल कोचिंग के बाद भी नहीं सुधरी हालत

Tue, 27 Sep 2016 01:27 PM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Sep 2016 01:27 PM IST
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hindi and other regional language spoken students performing bad in IITs
प्रद्यौगिकी संस्थान

देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं में अंग्रेजी के वर्चस्व के कारण हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषा के छात्रों की परेशानी बदस्तूर जारी है। कुछ ऐसी ही स्थिति कठिन प्रवेश परीक्षा पास कर आईआईटी में दाखिला लेने वाले हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषा के छात्रों की है।

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क्षेत्रीय भाषा में भी प्रवेश परीक्षा देने का विकल्प होने के कारण दाखिला पाने में कामयाब होने वाले ऐसे छात्र पाठ्यक्रम की पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं, क्योंकि पाठ्यक्रम की पढ़ाई मुख्य रूप से अंग्रेजी में होती है।
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इस साल आईआईटी के बीटेक कोर्स में दाखिला लेने वाले करीब 10 हजार छात्रों में से 30 से 40 फीसदी के सामने भाषा की समस्या है। अंग्रेजी की स्पेशल कोचिंग और हिंदी में अतिरिक्त क्लास लगवाए जाने के बावजूद प्रदर्शन में सुधार न होने पर इस साल करीब 60 से अधिक छात्रों को टर्मिनेट किया जा चुका है।
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आईआईटी में दाखिला लेकर इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के लिए माता-पिता का बच्चों पर अत्यधिक दबाव होता है। मेट्रो से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों के छात्र अपनी काबिलियत से आजकल आईआईटी में दाखिला लेने में कामयाब हो रहे हैं, लेकिन कैंपस पहुंचते ही भाषा संबंधी (हिंदी और क्षेत्रीय भाषा) दिक्कतें छात्रों को भारी परेशानी में डाल रही है।

'क्योंकि इंजीनियरिंग की ये किताबें हिंदी में उपलब्ध नहीं हैं'

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आईआईटी

आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रोफेसर प्रदीप्ता बनर्जी के मुताबिक, केमिस्ट्री, मैथ्स और फिजिक्स के लेक्चर तो अंग्रेजी में ही लगते हैं क्योंकि इंजीनियरिंग की ये किताबें हिंदी में उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, हिंदी भाषी छात्रों के लिए फैकल्टी उनकी सुविधा के लिए हिंदी में समझाती है लेकिन तकनीक को हिंदी में कैसे बताया जा सकता है।

फिलहाल पांच छात्र टर्मिनेट हुए हैं। वहीं, आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर इंद्रानिल मन्ना का कहना है कि भाषा की समस्या बढ़ती जा रही है, 30 से 40 फीसदी छात्र इस समस्या से घिरे हैं।

हालांकि आईआईटी प्रबंधन इस बात को समझता है और उन्हें अंग्रेजी के लिए विशेष कक्षाएं भी दी जा रही हैं लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद 14 छात्र टर्मिनेट हुए हैं। वहीं, गुवाहाटी के निदेशक प्रो. गौतम विश्वास के मुताबिक, छह छात्रों को टर्मिनेट किया गया है। उधर, आईआईटी दिल्ली के सूत्रों के मुताबिक, 20 छात्रों को टर्मिनेट किया गया है।

आईआईटी में अंग्रेजी की स्पेशल ग्रूमिंग शुरू
भाषा की समस्या का आंकड़ा बढ़ने के चलते देशभर के आईआईटी में अंग्रेजी की विशेष क्लासेस इस सत्र से शुरू की जा रही हैं। बीएचयू में पहले तीन हफ्ते सिर्फ अंग्रेजी व ग्रुमिंग की कक्षाएं लगती हैं। वहीं, कानपुर, रुड़की, गुवाहाटी, दिल्ली समेत अन्य आईआईटी में हिंदी व क्षेत्रीय भाषायी छात्रों की पहचान कर उन्हें शनिवार व रविवार को विशेष अतिरिक्त क्लास में पाठ्यक्रम की पढ़ाई हिंदी में करवायी जा रही है। इसके अलावा ऐसे छात्रों को अंग्रेजी पर पकड़ मजबूत करने के लिए स्पेशल फैकल्टी भी हायर की गई है।

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