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555 निजी स्कूलों से बढ़ी फीस न वसूलने पर दिल्ली सरकार को फटकार

Tue, 23 May 2017 08:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 23 May 2017 08:46 PM IST
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      Highcourt seeks reply of delhi govenment on fees increase by private school
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हाईकोर्ट ने छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों की आड़ में बच्चों से अधिक फीस वसूलने वाले राजधानी के करीब 555 निजी स्कूलों से फीस वापसी के लिए ठोस कदम न उठाने पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने शिक्षा विभाग प्रमुख सचिव को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इन स्कूलों से राशि वसूलने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए है। एक अनुमान के अनुसार इन स्कूलों से करीब 350 करोड़ रुपये वसूलने है।   

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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान इस बात पर नाराजगी जताई कि वर्षों से अदालत के आदेश के बावजूद अधिक फीस वसूलने के मामले में दोषी ठहराए गए स्कूलों से ब्याज सहित राशि क्यों नहीं वसूली गई। अदालत ने सरकार व शिक्षा निदेशालय को फटकार लगाते हुए कहा यह आपकी ड्यूटी है न कि अदालत की। खंडपीठ ने कहा हम तो मामले में कुछ न कुछ करेंगे लेकिन आपने इस दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया।    
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खंडपीठ ने शिक्षा विभाग प्रमुख सचिव को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अदालत ने जब स्पष्ट आदेश दिया था कि दोषी स्कूलों से वसूली गई फीस ब्याज सहित वसूली जाए तो आपने इस दिशा में क्या कदम उठाए। आप स्पष्ट करें कि वर्ष 2012 के आदेश के बाद से अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने कहा यह गंभीर मामला है और इस पर जल्द सुनवाई की जरूरत है। अदालत ने कहा अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।  
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खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 30 मई तय करते हुए यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इस मुद्दे पर गठित न्यायमूर्ति अनिल देव सिंह कमेटी द्वारा स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के आग्रह मुद्दे पर क्या कार्रवाई की गई है। आरोप है कि अधिकांश स्कूलों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते बनाए है या फिर कमेटी के समक्ष अपने खाते पेश नहीं किए।  

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