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करियर पर भारी कॉलेजों की मनमानी, सेंट्रलाइज्ड ट्रायल के लिए नहीं हैं राजी

Fri, 17 Jun 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Jun 2016 01:00 AM IST
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Heavy-handedness of career colleges, are not ready for centralized trial
डीयू दाखिला - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध स्टीफंस व जीसस एंड मैरी कॉलेज में स्पोर्ट्स व एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी (ईसीए) कैटेगिरी के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को इनरोलमेंट नंबर नहीं दिया जाएगा।

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इन कॉलेजों की ओर से स्पोर्ट्स व ईसीए के लिए अलग दाखिला प्रक्रिया चलाने के चलते दाखिला समिति ने यह सिफारिश दी है। दाखिला समिति की सिफारिश को दोनों कॉलेजों को भेजा जाएगा। अब देखना होगा कि ये कॉलेज इस बारे में क्या निर्णय लेते हैं।
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डीयू में दाखिला समिति की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि इन कॉलेजों में ईसीए व स्पोर्ट्स के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को इनरोलमेंट नंबर नहीं दिया जाए।
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दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र होने के नाते यह नंबर प्रत्येक कॉलेज के हर छात्र को दिया जाता है। यदि यह नंबर किसी छात्र को नहीं मिलता तो उसे डिग्री नहीं मिलेगी। साथ ही वह इंटर कॉलेज व इंटर यूनिवर्सिटी के तहत होने वाली गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

दाखिला समिति से जुड़े सदस्य डॉ नचिकेता सिंह ने बताया कि इस बार ईसीए व स्पोर्ट्स के दाखिलों के लिए सेंट्रलाइज्ड सिस्टम अपनाया जा रहा है। लेकिन ये दोनों ही कॉलेज सिंगल ट्रायल के लिए नहीं मान रहे हैं। दरअसल डीयू चाहता है कि सेंट्रलाइज्ड ट्रायल होने से छात्रों की भागम-भाग कम हो।

लेकिन यदि स्टीफंस व जेएमसी अपना अलग शेड्यूल निर्धारित करते हैं तो छात्रों को अलग-अलग जाना होगा। वहीं तिथियों के टकराव की स्थिति भी बन सकती है। दोनों कॉलेजों के प्रिंसिपल को इस पर चर्चा के लिए दाखिला समिति की बैठक में बुलाया गया था लेकिन उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।


कॉलेजों के इस रुख को देखते हुए समिति ने सिफारिश दी है कि इन दोनों कॉलेजों में इस कैटेगिरी के तहत दाखिला पाने वाले छात्रों के दाखिलों को मान्यता नहीं दी जाए। दाखिले वैध नहीं होने से उन्हें डीयू से डिग्री भी नहीं मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने भी स्पोर्ट्स कोटे में दाखिलों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरा सिस्टम ऑनलाइन व सेंट्रलाइज्ड करने का निर्देश दिया था।

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