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डीयू में दाखिले के लिए विदेशी छात्रों का हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:02 AM IST
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डीयू दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2017-18 से विदेशी छात्रों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कराना जरूरी कर दिया गया है। छात्रों को जब तक विश्वविद्यालय में पढ़ना है तब तक के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कराकर ही दाखिला लेना होगा।
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अब तक सिर्फ पहले साल में दाखिला लेने पर ही हेल्थ इंश्योरेंस कराने की बाध्यता थी। इस कारण से छात्र दाखिले के लिए एक साल का हेल्थ इंश्योरेंस करा लेते थे और बाद में उसका नवीनीकरण नहीं कराते थे।
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दिल्ली विश्वविद्यालय में डिप्टी डीन विदेशी छात्र (पंजीकरण) डॉ. अमृत कौर बसरा ने बताया अब तक विदेशी छात्रों के लिए यह जरूरी है कि छात्रों को अपने देश से हेल्थ इंश्योरेंस करा कर आना होता है। लेकिन इस बार से यह अनिवार्यता की जा रही है कि विदेशी छात्र जब तक यहां पढ़ना चाहते हैं वह तब तक का हेल्थ इंश्योरेंस कराए।
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दरअसल, विदेशी छात्रों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस इसलिए जरूरी है कि विदेशी नागरिकता होने के कारण उन्हें यहां पर किसी आपात स्थिति में इलाज कराने पर किसी प्रकार की परेशानी ना आए। डीयू में यूजी के बाद, पीजी, एमफिल या पीएचडी करने पर कुछ छात्र तो अपने इंश्योरेंस का नवीनीकरण करा लेते हैं लेकिन ज्यादातर छात्र ऐसे होते हैं जो आगे के लिए इंश्योरेंस को जारी नहीं रखते।
ऐसे में उन्हें यदि कभी कोई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीयू की सोच है कि जब तक वह पढ़े आराम से पढ़ें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उनका सही इलाज हो सके।
इंश्योरेंस होने पर उन्हें भारत में दिक्कत नहीं होगी। यदि किसी सूरत में छात्र आगे की पढ़ाई के लिए हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लेकर आता है तो इस बात पर विचार किया जा रहा है कि उसकी किस तरह से मदद की जाए।