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नकल रोकने के लिए हरियाणा बोर्ड ने कस ली है कमर
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:28 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बोर्ड परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए हैं।
अब बोर्ड की परीक्षा में एक कमरे में 24 विद्यार्थी ही बैठ सकेंगे। इसके अलावा अब शिक्षक एक दिन में 30 की बजाए 25 उत्तर पुस्तिकाएं ही जांचेंगे।
दरअसल, सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने के बाद भिवानी बोर्ड पहली बार 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित कर रहा है।
शुरूआती दौर में ही बोर्ड नकल रहित परीक्षा का संदेश देना चाहता है, इसलिए बोर्ड प्रशासन ने पिछले दिनों बैठक कर महत्वपूर्ण फैसले लिए।
इसमें अब एक कमरे में 24 परीक्षार्थियों को ही बैठाया जाएगा। पहले एक कमरे में 32 परीक्षार्थी ही बैठाए जाते थे। इतना ही नहीं मार्च में होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं के समय में भी बदलाव किया गया है।
अब परीक्षाएं दोपहर 2 से 5 बजे की बजाए 2:30 से 5:30 बजे तक होगी। साथ ही बोर्ड उड़नदस्तों की संख्या में भी बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है।
यहां बता दें कि इस बार बोर्ड ने परीक्षा केंद्र अलॉट करने से पहले गांव के सरपंच से नकल पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव भी लिया है, जिससे परीक्षाओं के दौरान ग्राम पंचायतों की भी जवाबदेही तय हो सके।
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अब बोर्ड की परीक्षा में एक कमरे में 24 विद्यार्थी ही बैठ सकेंगे। इसके अलावा अब शिक्षक एक दिन में 30 की बजाए 25 उत्तर पुस्तिकाएं ही जांचेंगे।
दरअसल, सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने के बाद भिवानी बोर्ड पहली बार 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित कर रहा है।
शुरूआती दौर में ही बोर्ड नकल रहित परीक्षा का संदेश देना चाहता है, इसलिए बोर्ड प्रशासन ने पिछले दिनों बैठक कर महत्वपूर्ण फैसले लिए।
इसमें अब एक कमरे में 24 परीक्षार्थियों को ही बैठाया जाएगा। पहले एक कमरे में 32 परीक्षार्थी ही बैठाए जाते थे। इतना ही नहीं मार्च में होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं के समय में भी बदलाव किया गया है।
अब परीक्षाएं दोपहर 2 से 5 बजे की बजाए 2:30 से 5:30 बजे तक होगी। साथ ही बोर्ड उड़नदस्तों की संख्या में भी बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है।
यहां बता दें कि इस बार बोर्ड ने परीक्षा केंद्र अलॉट करने से पहले गांव के सरपंच से नकल पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव भी लिया है, जिससे परीक्षाओं के दौरान ग्राम पंचायतों की भी जवाबदेही तय हो सके।
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