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हाईटेक हुई हंसराज कॉलेज की लाइब्रेरी, हजारों पुस्तकों में अपनी पसंद ढूंढनी होगी आसान

Sat, 05 Aug 2017 09:40 AM IST
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 05 Aug 2017 09:40 AM IST
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hansraj college library gets high tech
सांकेतिक - फोटो : source

डीयू के हंसराज कॉलेज की लाइब्रेरी हाईटेक हो गई है। यहां विद्यार्थियों, शिक्षकों का पुस्तक प्राप्त करना, वापस करना काफी आसान हो गया है। कॉलेज ने लाइब्रेरी को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस सिस्टम से लैस कर दिया है।

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बीते सप्ताह ही इस सिस्टम के साथ लाइब्रेरी की शुरुआत कर दी गई है। इस सिस्टम से न केवल हजारों पुस्तकों में से किसी एक पुस्तक को तलाशना आसान हो गया है बल्कि पुस्तक को कब वापस करना है इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिल रही है।
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हंसराज कॉलेज में आरएफआईडी तकनीक की मदद से लाइब्रेरी को हाईटेक बनाया गया है। कॉलेज अधिकारियों का दावा है कि यह पहला कॉलेज है जो कि इस तरह की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
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हाईटेक लाइब्रेरी सिस्टम में विद्यार्थियों को एक स्मार्ट कार्ड दिया जा रहा है। अधिकारी के अनुसार इस सिस्टम के तहत यदि किसी विद्यार्थी को किसी पुस्तक को ढूंढना है तो वह किताबों के रैक के पास पहुंच कर एक विशेष प्रकार के हैंडल से खोज सकता है।

इस हैंडल पर पुस्तक का टाइटल डालने से रैक पर घुमाने से पुस्तक कहां है इसका पता चल जाएगा। रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम को सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है। सॉफ्टवेयर से विद्यार्थियों को रिमाइंडर भेजा जाएगा कि उसे कितने दिन के लिए पुस्तक जारी की गई है व उसे कब देनी है और वापस नहीं देने पर कितना जुर्माना देना होगा।

इसी तरह से एक ड्रॉप स्टेशन भी बनाया गया है। जहां छात्र अपनी पुस्तक को ड्रॉप कर सकते हैं। यह सुविधा भी है कि यदि किसी विद्यार्थी को कोई पुस्तक चाहिए और वह लाइब्रेरी में नहीं तो सॉफ्टवेयर की मदद से एक संदेश उस विद्यार्थी के पास जाएगा, जिसके पास वह पुस्तक है।


अगले चरण में ऑनलाइन उपलब्ध होंगी किताबें 
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ रमा ने बताया कि पहले चरण मेें लाइब्रेरी को आरएफआईडी से लैस करने के बाद इसे अगले चरण में ऑनलाइन करेंगे। सभी किताबें ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएंगी। इस तरह से वह घर बैठे या कहीं से भी पुस्तक को पढ़ सकेंगे। इसके लिए कॉलेज स्टॉफ को भी प्रशिक्षत किया जाएगा।

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