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इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने बैकफुट पर सरकार, खुद भरेंगे आधी सीटें
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:01 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों के आगे हरियाणा सरकार अब बैकफुट पर आ गई है। प्रदेश के तमाम प्राइवेट कॉलेज अब 25 फीसदी मैनेजमेंट कोटा समेत 50 फीसदी सीट खुद भर सकेंगे।
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इसे लेकर हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा सोसाइटी (एचएसटीईएस) ने आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि बीते वर्ष तक केवल 25 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटा के तहत भरने की छूट थी।
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दरअसल, प्रदेश के तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की जिम्मेदारी तकनीकी शिक्षा विभाग के पास है। हरियाणा तकनीकी शिक्षा सोसाइटी ऑनलाइन काउसंलिंग के जरिये सीटें अलॉट करता है।
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पिछले वर्ष तक कॉलेजों के पास कुल सीट की 75 फीसदी काउंसलिंग के जरिये भरी जाती थीं और 25 फीसदी मैनेजमेंट कोटा की होती थी। लेकिन दो ऑनलाइन काउंसलिंग के बावजूद सीटें खाली रह जाती थी।
बीते वर्ष प्रदेश के 40 से अधिक कॉलेजों में 60 फीसदी भी दाखिले नहीं हुए थे। जिसकी वजह से लगातार खुद सीट भरने को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। नए आदेश के मुताबिक कुल सीट की 50 फीसदी सीटें ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिये भरी जाएंगी। बाकी 50 फीसदी सीटें कॉलेज खुद भरेंगे।
इसमें पहले सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) द्वारा आयोजित जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) मेेंस-2016 परीक्षा की रैंकिंग के आधार पर भरी जाएंगी।
इसके बाद 12वीं कक्षा के अंक के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि बैठक में यह फैसला लेने के बाद सरकार की अनुमति से यह जारी किया गया है। कॉलेजों को दाखिला में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया गया है।