IIT का 48वां दीक्षांत समारोह 4 नवंबर को होगा, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समारोह को संबोधित करेंगे
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी दिल्ली) का 48वां दीक्षांत समारोह 4 नवंबर को आयोजित होने जा रहा है। इस समारोह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित करेंगे। समारोह में आईआईटी के 1941 छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब इसमें नवोदय विद्यालय के 50 छात्र भी शिरकत करेंगे। छात्रों को आईआईटी कैंपस लाने के पीछे उद्देश्य छात्रों को यहां आने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही छात्रों को आईआईटी शिक्षकों के साथ बात करने का भी अवसर प्राप्त होगा।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी. रामगोपाल राव के मुताबिक नवोदय विद्यालय के छात्रों को आईआईटी राष्ट्रपति भवन की इच्छा पर लाया जा रहा है। इन्हें आईआईटी की प्रयोगशालाओं को भी दिखाया जाएगा। वहीं उन्हें यहां के कामकाज को देखने का भी लाभ मिलेगा। आईआईटी में नवोदय विद्यालय से पढ़ाई कर चुके 30 पहले से पढ़ रहे हैं।
प्रो. राव के मुताबिक दीक्षांत समारोह में दी जाने वाली 1941 डिग्री में से 306 पीएचडी, 819 स्नातकोत्तर व 816 स्नातक छात्रों को दी जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब पीएचडी की डिग्री 300 से अधिक छात्रों को दी जा रही है।
इस समारोह में पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी को प्रतिष्ठित पूर्व छात्र 2017 के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा कॉर्नेल विश्वविद्यालय केकॉर्नेस एससी जॉनसन स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन प्रो सौमित्रा दत्ता, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड केप्रबंधकीय निदेशक और सीईओ सुनील सूद व मिशन होल्डिंग्स केसंस्थापक और चेयरमैन सौरभ मित्ता को भी सम्मानित किया जाएगा।
लोक नीति पर शुरु होगा पाठ्यक्रम
आईआईटी दिल्ली में लोक नीति पर पाठ्यक्रम शुरु होगा। आईआईटी दिल्ली की सीनेट ने स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी शुरु करने की मंजूरी प्रदान की है। इस स्कूल में ऐसे विशेषज्ञ तैयार होंगे जिन्हें तकनीक के साथ-साथ नीति तैयार करने की भी जानकारी दी जाएगी।
प्रो राव के मुताबिक नीति बनाने वालों की कमी को देखते हुए ऐसे स्कूल को शुरु करने का निर्णय लिया गया है। इसकेसाथ ही दिसंबर में स्कूल ऑफ मल्टीडिस्पलीनरी रिसर्च की भी शुरुआत होगी। इसके तहत पीएचडी स्तर केकार्यक्रम शुरु होंगे। साथ ही एक अलग डिजाइन विभाग भी शुरु होगा। जिसमें पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक पाठ्यक्रम किए जा सकेंगे। इसमें शिक्षकों की नियुक्ति का काम जारी है। यहां वस्तुओं के आकार-प्रकार के डिजाइन पर काम होगा।
संयुक्त डिग्री कार्यक्रम भी शुरु होंगे
आईआईटी में संयुक्त डिग्री कार्यक्रम भी शुरु होंगे। इसके लिए प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा। आईआईटी सीनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। आईआईटी दिल्ली और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) संयुक्त रुप से एक पीएचडी कार्यक्रम शुरु करने पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों के बीच जल्द ही समौझाता होने की संभावना है।