चार महीने बाद भी नहीं मिली नौनिहालों को वर्दी
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फरीदाबाद के सरकारी स्कूल के नौनिहाल पुरानी वर्दी पहन स्कूल जा रहे हैं। नया सत्र शुरू हुए चार महीने बीत जाने के बाद भी स्कूलों में वर्दी के लिए फंड नहीं पहुंचा है। स्कूलों में ऐसे भी बच्चे हैं, जो बिना वर्दी के ही स्कूल जा रहे हैं। फंड के अभाव में अटकी वर्दी वितरण योजना पर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी खामोश हैं।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क वर्दी उपलब्ध कराई जाती है। विद्यार्थियों को वर्दी के रूप में 400 रुपये की राशि दी जाती है। मौलिक शिक्षा विभाग सामान्य श्रेणी के तहत आने वाले बच्चों को वर्दी के लिए फंड मुहैया कराता है, जबकि सर्व शिक्षा अभियान की ओर से आरक्षित श्रेणी के तहत बच्चों को वर्दी उपलब्ध कराई जाती है।
14 अप्रैल को यमुनानगर में आयोजित अंबेडकर जंयति के मौके पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने नौनिहालों की वर्दी राशि को बढ़ाने की घोषणा की थी। इस घोषणा को भी 4 माह बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक विभाग ने फंड जारी नहीं किया है।
अभिभावक रमेश, कालू, वनीता का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वर्दी, बूट, जर्सी के लिए सरकार की तरफ से पैसा मिलने का इंतजार है। पहले सरकार 400 रुपये दे देती थी। इसबार वो भी नहीं मिले।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री को अपने विभाग का जायजा लेना चाहिए। जिससे उनको पता लग सके कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी फटी वर्दियां पहनकर स्कूल आते हैं।-राजेश खटाना, युवा कांग्रेसी नेता
प्रदेश सरकार शिक्षा जैसे विषय पर गंभीर नहीं है। वर्दी सत्र से पहले मिलनी चाहिए थी। वर्दी न होने से बच्चों में हीन भावना पैदा होती है।-चत्तर सिंह, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
स्कूली विद्यार्थियों को वर्दी के लिए दिए जाने वाले भत्ता में बढ़ोतरी की गई है। कितनी राशि बढ़ी है, यह नहीं बता सकती। हालांकि अभी मुफ्त वर्दियां देने के लिए सरकार से बजट नहीं आया है।-सतेंद्र वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
इनपुट
-स्कूलों की संख्या: 175
-विद्यार्थियों की संख्या: 94399
-वर्दी फंड की अनुमानित राशि: करीब आठ करोड़ रुपये