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जंग खा रहे एजुसेट की फिर आई याद, 31 जुलाई तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 28 Jul 2016 09:58 AM IST
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स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी स्कूलों में लगे एजुसेट सिस्टम में सुधार की आस एक बार फिर जगी है। 31 जुलाई तक सभी स्कूलों में लगे एजुसेट की स्टेटस रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजनी होगी। इसके लिए निदेशालय ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को सर्कुलर जारी कर दिया है। स्कूल प्रशासन रिपोर्ट तैयार करने में खानापूर्ति नहीं कर पाएंगे, क्योंकि गांव की पंचायत की स्वीकृति के बाद ही रिपोर्ट चंड़ीगढ़ भेजी जा सकेगी।
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बता दें 2006 में प्रदेश के सभी स्तर के स्कूलों में एजुसेट और डीटीएच की व्यवस्था की गई थी। अब ज्यादातर खराब हैं। कुछ ही स्कूलों में छात्र इसका लाभ ले पा रहे हैं। पीएम जब बच्चों से मन की बात करते हैं तो खराब एजुसेट सिस्टम इसमें बाधा बन जाता है।
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नतीजतन, स्कूलों में रेडियो के माध्यम से बच्चे पीएम का संदेश सुनते हैं। एजुसेट और डीटीएच के प्रसारण की व्यवस्था पंचकूला से की गई थी। यहां से प्रतिदिन विभिन्न विषयों के लेक्चर दिए जाते थे, जिन्हें प्रदेशभर में एजुसेट के माध्यम से बच्चे सुनते थे।
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महज दो साल में ही एजुसेट सिस्टम की व्यवस्था ठप हो गई। एजुसेट सिस्टम अधिकांश स्कूलों में धूल फांक रहे हैं। अब एक बार फिर शिक्षा विभाग ने इसमें सुधार के लिए कदम बढ़ाया है।
जमाना आधुनिक है। ऐसे में छात्रों को नई तकनीक से पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए। इस तरह के प्रसारण से छात्रों में भी उत्सुकता बनी रहती है। इससे बच्चों का शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।-रामवीर शर्मा, जिला प्रधान हसला
स्कूलों में लगे एजुसेटों की रिपोर्ट 31 जुलाई तक निदेशालय भेजी जानी है। रिपोर्ट देने से पहले गांव के सरपंच से रिपोर्ट पर मंजूरी की मुहर लगवानी होगी। इस संबंध में स्कूलों को अवगत करा दिया गया है।-डॉ. मनोज कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद