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20 फीसदी से कम रिजल्ट वाले स्कूलों को किया जाएगा तलब
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Fri, 19 May 2017 05:49 PM IST
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के रिजल्ट में गुरुग्राम की खराब हालत पर शिक्षा विभाग गंभीर है। 20 फीसदी से कम रिजल्ट वाले स्कूलों को अब स्पष्टीकरण देना होगा। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर स्कूलों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से बोर्ड द्वारा जारी डिटेल मार्कशीट (डीएमसी) का इंतजार है। पिछले वर्ष खराब रिजल्ट पर कई प्रिंसिपलों के ऊपर कार्रवाई हो चुकी है।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा बृहस्पतिवार को जारी 12वीं कक्षा का के रिजल्ट में गुरुग्राम प्रदेश में 20वें स्थान पर था। पूरे गुरुग्राम का रिजल्ट 52.01 फीसदी रहा है, जो प्रदेश के औसत रिजल्ट से भी कम रहा है। इसमें कई सरकारी स्कूलों का रिजल्ट बेहद खराब रहा है। जिससे शिक्षा विभाग चिंतित है। बता दें कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार रिजल्ट में ज्यादा गिरावट हुई है। प्रदेश स्तर पर सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में सुधार हुआ है, लेकिन गुरुग्राम के कई राजकीय स्कूलों की स्थिति ठीक नहीं है।
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शिक्षा विभाग ने रिजल्ट के मद्देनजर हरियाणा बोर्ड से संबद्धित सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों संग मासिक बैठक भी बुलाई है। जिसमें इस बाबत स्कूल प्रिंसिपलों की रिपोर्ट मांगी जाएगी। शिक्षा विभाग इन स्कूलों की रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा निदेशालय को भेजेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि खराब रिजल्ट शिक्षकों की वजह से हुआ है। सरकारी स्कूलों में काबिल शिक्षकों के होने के बावजूद रिजल्ट में सुधार नहीं है।
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विज्ञान और गणित डूबा रही है नैय्या
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के मुताबिक अधिकतर छात्र गणित और विज्ञान में फेल हुए है। मॉडल स्कूलों में भी छात्र इन्हीं विषयों में फेल हुए है। बोर्ड के मुताबिक 88 फीसदी छात्र गणित और विज्ञान में फेल है, इसके बाद अंग्रेजी में फेल हुए है। हरियाणा स्कूल लेक्चर्स एसोसिएशन के महराम यादव कहते है कि फेल होने का जड़ शिक्षा विभाग की पॉलिसी में छिपा है। जब आठवीं तक बच्चे फेल नहीं होते है, तो 10वीं और 12वीं में पास के बारे में सोचना बेमानी है। शिक्षिका मनीषा शर्मा बताती हैं आठवीं तक गणित में बीजगणित और ज्यमिति की आधार रखी जाती है, लेकिन दसवीं के छात्र बेसिक से दूर होते है। परीक्षा में सीधे प्रश्र पूछा जाए? जरूरी नहीं है। बुनियाद कमजोर होने के कारण रिजल्ट खराब हो रहे हैं।
नीलम भंडारी, जिला शिक्षा अधिकारी: दसवीं का रिजल्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद दोनों कक्षाओं को मिलाकर समीक्षा की जाएगी। जिन स्कूलों का रिजल्ट खराब होगा, उनके प्रिंसिपलों को इसका जवाब देना होगा। कमी ढूंढी जाएगी। तभी हल निकलेगा।