सुविधा : जेएनयू में ई-रिक्शा बनाएंगे छात्रों की राह आसान
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बीएचयू की घटना से सबक लेते हुए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्राओं के लिए कैंपस में ई-रिक्शा शुरू करने जा रहा है। खास बात यह है कि सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण सुधार के तहत ई-रिक्शा के बाद साइकिल की सवारी का भी मौका मिलेगा। कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार के मुताबिक, जेएनयू कैंपस बहुत बड़ा है।
मुख्य कैंपस, लैब, सेंट्रल लाइब्रेरी से गर्ल्स हॉस्टल बहुत दूर हैं। ऐसे में छात्राओं के अलावा विशेष छात्रों (नेत्रहीन, दिव्यांग समेत मूक बधिर) को दिक्कत होती है। कैंपस में आम परिवार के बच्चे आते हैं, जोकि स्कूटर या कार का खर्च नहीं उठा सकते हैं। इसीलिए कैंपस में इलेक्ट्रिक रिक्शा चलाने का फैसला किया गया है।
दो कंपनियों ने रिक्शा चलाने पर सहमति दी है। ट्रायल सफल रहा है और आने वाले दिनों में बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि कितने इलेक्ट्रिक रिक्शा खरीदे जाएंगे, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
पांच रुपये में उठाए साइकिल का लुफ्त
अरावली की पहाड़ी में बसा जेएनयू विवि ग्रीन कैंपस है, जो कि प्रदूषण मुक्त है। गो ग्रीन के नारे के तहत व छात्रों की सुविधा के लिए साइकिल शुरू करने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए पांच साइकिल स्टैंड बनाए जाएंगे। साइकिलों में जीपीएस लगा होगा, जिसमें पता रहेगा कि साइकिल लेकर छात्र कहां गया है।
विश्वविद्यालय पहचान पत्र या फिर साइकिल किराये पर देने के लिए सामान्य दरों पर मेम्बरशिप भी दी जाएगी। छात्रों को आधे घंटे के लिए पांच रुपये किराये के रूप में देने होंगे। छात्र को जहां जाना है, वहां साइकिल छोड़ सकता है, वहां से साइकिल अगले छात्र को दे दी जाएगी।