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डूसू चुनाव : आइसा ने जारी किया घोषणा पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 05 Sep 2016 10:38 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में वैसे तो सीधी लड़ाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के बीच है। मगर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने मुकाबले को त्रिकोणीय बताते हुए रविवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया।
जिसमें छात्रों के लिए हॉस्टल, रूम रेंट कंट्रोल एक्ट के साथ, छात्राओं की सुरक्षा, डीटीसी की एसी बस व मेट्रो में रियायती पास के मुद्दों को प्रमुखता दी है। इसके साथ डीयू में जेएनयू की तरह छात्रों की आम सभा के माध्यम से छात्रसंघ की जवाबदेही तय करने की बात कही है। घोषणा पत्र जारी करते हुए आइसा के सभी चारों पद के उम्मीदवार मौजूद रहे।
प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आइसा की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार कंवलप्रीत कौर ने बताया कि डूसू में धनबल और बाहुबल के जरिए दो दलों का कब्जा रहा है। मगर छात्र अभी बेहतर विकल्प की तलाश कर रहे हैं।
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हम वह विकल्प बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने डूसू में रहते हुए एक साल में काम करने के बजाए सिर्फ मारपीट की है। डीयू में कभी शिक्षकों को तो कभी छात्रों को पीटा।
उन्होंने कहा कि हम लगातार छात्रों के बीच हैं, उनकी लड़ाई लड़ रहे है। छात्रों में हमारा भरोसा बढ़ा है। आइसा की ओर से जारी घोषणा पत्र पर संगठन की उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार अमृता ने कहा कि हम अगर जीतकर आए तो छात्रावास की समस्या का निदान करेंगे। जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक छात्रों के लिए एचआरए व रूम रेंट कंट्रोल एक्ट को लागू कराने की लड़ाई लड़ेंगे।
आइसा के उम्मीदवारों से जब पूछा गया की राष्ट्रवाद और दुष्कर्म के आरोप उनके निष्काषित नेता अनमोल रतन के मुद्दे को वे कैसे देखते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हमारा संगठन महिला अपराधों को लेकर सख्त है। यही वजह है कि अनमोल को पार्टी से बाहर कर दिया गया। राष्ट्रवाद का मुद्दा जहां तक छात्र समझदार हैं वह एबीवीपी की इस अफवाह पर ध्यान नहीं देंगे।
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जिसमें छात्रों के लिए हॉस्टल, रूम रेंट कंट्रोल एक्ट के साथ, छात्राओं की सुरक्षा, डीटीसी की एसी बस व मेट्रो में रियायती पास के मुद्दों को प्रमुखता दी है। इसके साथ डीयू में जेएनयू की तरह छात्रों की आम सभा के माध्यम से छात्रसंघ की जवाबदेही तय करने की बात कही है। घोषणा पत्र जारी करते हुए आइसा के सभी चारों पद के उम्मीदवार मौजूद रहे।
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प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आइसा की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार कंवलप्रीत कौर ने बताया कि डूसू में धनबल और बाहुबल के जरिए दो दलों का कब्जा रहा है। मगर छात्र अभी बेहतर विकल्प की तलाश कर रहे हैं।
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हम वह विकल्प बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने डूसू में रहते हुए एक साल में काम करने के बजाए सिर्फ मारपीट की है। डीयू में कभी शिक्षकों को तो कभी छात्रों को पीटा।
उन्होंने कहा कि हम लगातार छात्रों के बीच हैं, उनकी लड़ाई लड़ रहे है। छात्रों में हमारा भरोसा बढ़ा है। आइसा की ओर से जारी घोषणा पत्र पर संगठन की उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार अमृता ने कहा कि हम अगर जीतकर आए तो छात्रावास की समस्या का निदान करेंगे। जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक छात्रों के लिए एचआरए व रूम रेंट कंट्रोल एक्ट को लागू कराने की लड़ाई लड़ेंगे।
आइसा के उम्मीदवारों से जब पूछा गया की राष्ट्रवाद और दुष्कर्म के आरोप उनके निष्काषित नेता अनमोल रतन के मुद्दे को वे कैसे देखते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हमारा संगठन महिला अपराधों को लेकर सख्त है। यही वजह है कि अनमोल को पार्टी से बाहर कर दिया गया। राष्ट्रवाद का मुद्दा जहां तक छात्र समझदार हैं वह एबीवीपी की इस अफवाह पर ध्यान नहीं देंगे।