डीयू : तीसरी कटऑफ लिस्ट के दाखिले का अंतिम दिन आज, 45 से 80 फीसदी पर भी हो सकती है एंट्री
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डीयू में तीसरी कटऑफ के लिए दाखिले बृहस्पतिवार को समाप्त हो जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए राहत की बात यह है कि कई कॉलेजों में कुछ कोर्सेज के लिए बंद हुए दाखिले खुलने की संभावना है। हालांकि, यह स्थिति तीसरी कटऑफ के दाखिले के अंतिम दिन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। दूसरी लिस्ट के बाद ही कई कैंपस कॉलेजों व आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों में कुछ खास कोर्सेज की सीटें भर गई थीं, जिस कारण तीसरी कटऑफ में कई जगह हाउसफुल का बोर्ड लगा है।
दूसरी कटऑफ की तरह तीसरी कटऑफ के पहले दिन से ही दाखिलों के साथ-साथ दाखिले रद्द भी हो रहे हैं। बुधवार को राजधानी कॉलेज में 215 दाखिले हुए, जबकि 123 रद्द हुए। कॉलेज में अभी तक 1500 सीटों के लिए कुल 1258 दाखिले हो चुके हैं। आर्यभट्ट कॉलेज में 83 दाखिले हुए, जिनमें सबसे अधिक बीए प्रोग्राम, मैथ-ऑनर्स, कंप्यूटर साइंस, इतिहास-ऑनर्स, बीकॉम-पास व बीकॉम-ऑनर्स मेें हुए। कुछ दाखिले बीकॉम प्रोग्राम व ईकोनॉमिक्स-ऑनर्स में रद्द हुए। कॉलेज में 675 सीटों पर अब तक 487 दाखिले हुए हैं।
अरबिंदो कॉलेज में बुधवार को 95 दाखिले हुए और विभिन्न पाठ्यक्रमों से 20 दाखिले रद्द कराए गए। दाखिले रद्द होने के कारण कुछ कोर्सेज के दाखिलों को खोलना पड़ सकता है। वहीं, कॉलेज एक बार फिर से चौथी कटऑफ में 0.25 से लेकर 1 फीसदी तक की गिरावट कर सकते हैं। हालांकि, यह स्थिति तीसरे कटऑफ के दाखिले के अंतिम दिन ही पता चलेगी। इस तरह से अब भी थोड़ी बहुत दाखिले की गुंजाइश बाकी है।
45 से 80 फीसदी पर भी हो सकती है एंट्री
दिल्ली विश्वविद्यालय में 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी कई खास कोर्सेज में दाखिला नहीं मिल रहा है, लेकिन 80 फीसदी से कम अंक वालों के लिए दाखिले के रास्ते खुले हैं। डीयू के कॉलेजों में बीए-संस्कृत ऑनर्स और हिंदी-ऑनर्स ऐसे कोर्स हैं, जिनमें 45 से 77 फीसदी तक एंट्री हो सकती है।
दरअसल, हिंदी-ऑनर्स व संस्कृत-ऑनर्स की सीटें तीसरी कटऑफ में नहीं भरी हैं। नामी कॉलेज में तो हिंदी-ऑनर्स के दाखिले बंद हो गए हैं, लेकिन अब भी कुछ ऐसे कॉलेज हैं जहां पर दाखिला लेकर डीयू में पढ़ने का सपना साकार हो सकता है।
डीयू में दाखिले के लिए हिंदी-ऑनर्स और संस्कृत-ऑनर्स कोर्स हमेशा से सबसे आसान विकल्प माने जाते रहे हैं। आमतौर पर 50 से 70 फीसदी अंक वाले विद्यार्थियों को आसानी से इन कोर्सेज में दाखिला मिल जाता था। बीते 5 वर्षों की बात करें तो हिंदी-ऑनर्स की राह भी अब आसान नहीं है।
कुछ सालों में हिंदी की कटऑफ 50 से 60 प्रतिशत से छलांग लगाकर 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच गई, लेकिन संस्कृत कोर्स की कटऑफ लिस्ट अभी भी 45 से 79 प्रतिशत के दायरे में है। तीसरी लिस्ट में यह 45 से 60 के बीच आ गई।
डीयू के 48 कॉलेजों में हिंदी-ऑनर्स उपलब्ध है, जिसमें से 28 कॉलेजों में अब भी हिंदी-ऑनर्स में दाखिले की गुंजाइश है, जिसमें आर्यभट्ट, अंबेडकर, जानकारी देवी, आईपी, लक्ष्मीबाई, राजधानी, रामजस, शहीद भगत सिंह, श्याम लाल, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, राजधानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मैत्रेयी, महाराजा अग्रसेन सरीखे कॉलेज शामिल हैं। इनमें 75 व 80 फीसदी से थोड़ा ऊपर में दाखिला हो सकता है। कई कॉलेजों में लड़कियों को 1 फीसदी की छूट मिलने के कारण कटऑफ 1 फीसदी कम हो जाएगी।
संस्कृत-ऑनर्स में 15 कॉलेजों में दाखिले का विकल्प
बीए-ऑनर्स संस्कृत में अब भी 15 कॉलेजों में दाखिला हो सकता है। इनमें भारती, दयाल सिंह, आईपी, जानकी देवी, कालिंदी, कमला नेहरू, लक्ष्मीबाई, मैत्रेयी, माता सुंदरी, पीजीडीएवी, राजधानी, शिवाजी, विवेकानंद जैसे कॉलेज हैं।
इनमें संस्कृत-ऑनर्स के लिए कट-ऑफ 45 से 65 फीसदी तक है। इस तरह से विद्यार्थियों के पास कम अंक प्रतिशत में इन कॉलेजों में दाखिले का मौका है। कॉलेजों का कहना है कि हिंदी व संस्कृत में दाखिला लेने का क्रेज अन्य पाठ्यक्रमों के अनुसार थोड़ा कम होता है। इसलिए इनकी सीटें भरने में दिक्कत रहती है।