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डीयू : इस बार नहीं करना पड़ेगा सौ फीसदी कट ऑफ के डर का सामना

Sun, 26 Jun 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 26 Jun 2016 01:53 AM IST
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DU: The cut-off time will not have to face the fear of one hundred per cent
दिल्ली यूनिवर्सिटी

दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में दाखिले के लिए इस बार सौ फीसदी कटऑफ के डर का सामना नहीं करना पड़ेगा। खासकर ऐसे छात्र जो कि संबंधित विषय की अनिवार्यता को पूरा करेंगे।  

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सौ फीसदी कटऑफ को नीचे लाने के लिए प्रशासन ने कॉलेजों को कटऑफ का निर्धारण व्यवहारिक आधार पर करने की सलाह दी है। उनसे कहा गया है कि वह कट ऑफ का निर्धारण गैर विषयों वाले छात्रों को ध्यान में रखकर करें। दिल्ली विश्वविद्यालय में इस बार 60 हजार सीटों के लिए लगभग ढाई लाख आवेदन आए हैं। ऐसे में एक-एक सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। 
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आर्ट्स में जहां कटऑफ में उछाल आने की उम्मीद है तो कॉमर्स व साइंस की कट ऑफ में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। आर्यभट्ट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मनोज सिन्हा ने बताया कि जो छात्र कोर्स की अनिवार्यता को पूरा नहीं करते, उनके लिए अंकों में कटौती के कारण कटऑफ 100 फीसदी से ऊपर चली जाती है।
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ऐसे में डीयू प्रशासन ने सलाह दी है कि ऐसे छात्रों के लिए कटऑफ को 98 तक ही रखा जाए। ताकि, कटऑफ में व्यवहारिकता रहे। मसलन, किसी कॉलेज ने बीकॉम ऑनर्स व ईको ऑनर्स की कटऑफ 96 या 97 फीसदी रखी और यदि साइंस पढ़ने वाले छात्र इन कोर्सेज में दाखिला लेते हैं तो 4 फीसदी तक अंकों की कटौती के कारण कटऑफ 100 फीसदी से ऊपर चली जाती है। 

कॉलेजों को यह अंकों में कटौती इस तरह से करने को भी कहा गया है जिससे कि वह सौ के आंकड़े तक ना जाने पाएं। उन्होंने कहा कि यदि साइंस वालों के लिए कटौती रखी भी जाती है और कटऑफ सौ फीसदी पहुंचती है तो इसका अर्थ यह होता है कि फिलहाल कॉलेज साइंस वाले छात्रों को दाखिला नहीं लेना चाहता। 


कंप्यूटर साइंस में ऐसे होती है सौ फीसदी की परेशानी
कॉलेजों में बीते सालों में कंप्यूटर साइंस की कट ऑफ सौ फीसदी तक गई। इस कोर्स में दाखिले के लिए बीएफएस (बेस्ट फोर) में कंप्यूटर साइंस, इंर्फोमेटिक्स प्रैक्टिस, केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित व अंग्रेजी के अंकों को रखा जाता है। यदि कोई छात्र इन विषयों के अलावा कोई अन्य विषय बेस्ट फोर में शामिल करता है तो उसके दो फीसदी अंकों की कटौती होती है। 

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