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डीयू दाखिला : स्वयं सत्यापित फर्जी या झूठे दस्तावेज जमा किए तो ये होगी सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Jun 2017 09:42 AM IST
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डीयू एडमिशन
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के इच्छुक छात्र-छात्राएं सावधान हो जाएं। यदि वह स्वयं सत्यापित झूठे दस्तावेज जमा कराएंगे तो न केवल वह डीयू में पांच साल तक डिबार (वंचित) कर दिया जाएगा बल्कि अपराधिक मामला भी दर्ज होगा। छात्रों को प्रशासन की सलाह है कि वह सही तरीके से स्वयं सत्यापित ही दस्तावेज जमा कराएं।
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दिल्ली विश्वविद्यालय की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत छात्रों से स्वयं सत्यापित दस्तावेज अपलोड कराए गए। अब कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। दाखिले के समय भी छात्रों को अपने दस्तावेज जमा कराने हैं।
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दाखिले के समय भी छात्रों को स्वयं सत्यापित दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। यदि किसी छात्र ने झूठा सत्यापन किया है और वह सत्यापन बाद में फर्जी पाया जाता है तो छात्र डीयू के किसी भी कोर्स या प्रोग्राम के लिए पांच साल तक अयोग्य घोषित हो जाएंगे। साथ ही उनका दाखिला भी रद्द हो जाएगा।
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छात्र के खिलाफ अपराधिक मुकदमे का प्रावधान भी किया गया है
डीयू दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा देखने में आता है कि कुछ छात्र किसी भी कीमत पर डीयू में दाखिला लेना चाहते हैं। इसके लिए वे फर्जी प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते। प्रशासन के सख्त रवैये के चलते ऐसे फर्जी दाखिलों पर काफी हद तक रोक लगी है।
लिहाजा डीयू प्रशासन इस साल भी दाखिलों में किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं चाहता है। अधिकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय छात्रों की ओर से स्वयं सत्यापित दस्तावेजों को स्वीकार करेगा।
यदि किसी छात्र का झूठा सत्यापन या गलत दस्तावेज पाया जाता है तो छात्र के खिलाफ अपराधिक मुकदमे का प्रावधान भी किया गया है। आईपीसी की धारा 470, 471, व 474 केतहत छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
लिहाजा डीयू प्रशासन इस साल भी दाखिलों में किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं चाहता है। अधिकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय छात्रों की ओर से स्वयं सत्यापित दस्तावेजों को स्वीकार करेगा।
यदि किसी छात्र का झूठा सत्यापन या गलत दस्तावेज पाया जाता है तो छात्र के खिलाफ अपराधिक मुकदमे का प्रावधान भी किया गया है। आईपीसी की धारा 470, 471, व 474 केतहत छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।