{"_id":"586e75654f1c1bb61e158d65","slug":"donations-and-capitation-fees-will-stick-to-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोनेशन व कैपिटेशन फीस लेने वाले स्कूलों पर चलेगा डंडा","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
डोनेशन व कैपिटेशन फीस लेने वाले स्कूलों पर चलेगा डंडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jan 2017 03:59 PM IST
विज्ञापन
file photo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी स्कूलों में जारी नर्सरी दाखिला प्रक्रिया में स्कूलों का डोनेशन मांगना या कैपिटेशन फीस लेना महंगा पड़ सकता है। स्कूलों की शिकायत होने पर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई स्कूल इस तरह की मांग करता है तो अभिभावक सरकार के तैयार किए गए पोर्टल पर अपनी शिकायत कर सकते हैं। इसके साथ ही वह पोर्टल पर मानकों व प्रक्रिया के संबंध में भी शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशक सौम्या गुप्ता के मुताबिक, दाखिला प्रक्रिया के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत अभिभावक सरकार को कर सकते हैं। चाहे स्कूल डोनेशन मांग रहा, कैपिटेशन फीस ले रहा हो, फॉर्म उपलब्ध ना करा रहा हो या फिर दाखिला मानकों की जानकारी ना दे रहा हो। इसके लिए अभिभावक http://doepvt.delhi.gov.in पर शिकायत दे सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने साफ किया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी निजी स्कूलों को ऐसे मानकों को अपनाना होगा जो कि स्पष्ट, अच्छी तरह से परिभाषित, गैर-भेदभावपूर्ण व पारदर्शी होने चाहिए। स्कूलों को नर्सरी, केजी व पहली कक्षा के दाखिले के संबंध में मानकों को अपनी वेबसाइट व नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट तरीके से लगाना होगा। इसके साथ ही स्कूलों को पारदर्शी तरीके से दाखिला पाने वाले बच्चों की सूची को उनके अंकों के साथ प्रदर्शित करना होगा। सूची के बाद यदि अभिभावक को किसी प्रकार की शिकायत या शंका है तो उसका समाधान स्कूलों को 16 से 18 फरवरी के बीच में करना होगा। शिक्षा निदेशक ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर बने स्कूलों की सूची को शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।
विज्ञापन
सरकारी जमीन पर बने स्कूलों के लिए सरकार ने पॉलिसी तैयार कर ली है। पॉलिसी को तैयार कर उपराज्यपाल को भेज दी गई है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उपराज्यपाल से इस संबंध में बात हो गई है। दो से तीन दिनों में इस मामले पर फैसला ले लिया जाएगा। जिसके बाद पॉलिसी को नोटिफाई कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि आने वाली पॉलिसी से पब्लिक को लाभ होगा। अभिभावक को धैर्य बनाकर रखना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सरकारी जमीन पर बने 298 गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश तैयार नहीं हुए हैं। इस कारण से इन स्कूलों में अब तक दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इन स्कूलों में दाखिले की मारामारी रहती है। लिहाजा अभिभावकों को इन स्कूलों में दाखिले का इंतजार है।