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स्वरोजगार के लिए सब्सिड़ी पर ऋण उपलब्ध कराता है डीआईसी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Wed, 12 Apr 2017 05:44 PM IST
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गुरुग्राम के मेवात में जिस प्रकार की शिक्षा प्रणाली है, उसको देखते हुए यहां के युवाओं के लिए रोजगार के उतने अच्छे अवसर नहीं मिल पाते। बिना रोजगार के यहां लोगों को डंपर चालक, पहाड़ों से पत्थर चोरी व अन्य कार्यों में संलिप्त होकर न केवल अपना भविष्य खराब करते है, बल्कि इसके कारण कई बार परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।
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ऐसे में जरूरी है कि मेवात के युवा स्वरोजगार की तरफ आगे बढ़े और अपना रोजगार स्थापित कर न केवल अपना विकास करें, बल्कि जिले के विकास में भी भागीदार बन सकते है। इस कार्य में उनका सहयोग जिला उद्योग केंद्र सबसे बेहतर तरीके से कर सकता है।
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्त्रस्म के तहत स्वरोजगार स्थापित करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण, बैंक से ऋण, उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का काम जिला उद्योग केंद्र करता है। जिसमें ऋण पर सरकार की तरफ से भारी सब्सिडी व सामान्य से कम ब्याज दर मिलती है।
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45 को दिलाया ऋणऱ् वित्त वर्ष 2016-17 में जिला उद्योग केंद्र नूंह को सरकार द्वारा 42 बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया था। विभाग निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करते हुए 45 बेरोजगारों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया।
विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऋण पर यदि कोई बेरोजगार अपना रोजगार गांव में स्थापित करना चाहता है और वह सामान्य जाति से है तो उसे 25 प्रतिशत सब्सिड़ी दी जाती है तथा शहर के लिए 15 प्रतिशत सब्सिडी। वहीं सामान्य जाति की महिला को गांव में रोजगार स्थापित करने के लिए 35 फीसदी तथा शहर के लिए 25 फीसदी सब्सिड़ी, इसके अलावा अन्य जाति के बेरोजगारों को गांव के लिए 35 फीसदी व शहर के लिए 25 फीसदी सब्सिड़ी पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
अनूसूचित जाति के बेरोजगारों के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य 120 रखा गया था, विभाग ने 125 लोगों को ऋण, प्रशिक्षण आदि उपलब्ध कराकर उनका सहयोग किया। तो अनूसूचित जाति के बच्चों के लिए ट्रेनिंग और वजीफा के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्त्रस्म के तहत एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्त्रस्म आयोजित किया गया। जिसमें भाग लेने वाले 35 प्रशिक्षणार्थियों को विभाग की तरफ से 1000 रुपए वजीफा भी दिया गया।
स्वरोजगार ही विकास का आधारऱ् जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक भागमल तक्षक ने बताया कि मेवात जैसे पिछड़े क्षेत्र को अग्रणी श्रेणी में लाने के लिए यहां के युवाओं को स्वरोजगार की तरफ ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना हेगा। मेवात के लिए स्वरोजगार ही विकास का मुख्य आधार बन सकता है।