फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   demands for attendance benefit of student caste vote in DUSU election

डूसू चुनाव: वोट डालने पर कक्षा उपस्थिति में मिले लाभ

Sun, 27 Aug 2017 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 27 Aug 2017 09:38 AM IST
विज्ञापन
demands for attendance benefit of student caste vote in DUSU election
डेमो - फोटो : demo pic

डूसू चुनाव में बीते कई सालों से वोट प्रतिशत नहीं बढ़ रहा है। प्रशासन व छात्र संगठन इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। अधिक से अधिक विद्यार्थी मत का प्रयोग करें इसके लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) चाहती है कि वोट डालने पर विद्यार्थी को कक्षा उपस्थिति में लाभ दिया जाए। इसके अलावा प्रत्येक कॉलेज व विभाग में डेमोक्रेसी बनाने की वकालत भी की है। एबीवीपी ने ऐसे ही सुझावों व मांगों को डीयू प्रशासन तक पहुंचाया है।

विज्ञापन


 इस मुद्दे को लेकर शनिवार को एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल ने डूसू मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव समिति से छात्र संघ चुनाव अधिक सुचारु रूप से करवाने की मांग रखी। एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा के मुताबिक, छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें राइट टू इलेक्ट के अधिकार के लिए प्रेरित करना चाहिए। 
विज्ञापन


डूसू चुनाव में लाखों विद्यार्थी पहली बार वोट डालते हैं, ऐसे में हमने सुझाव दिया है कि इस साल से जो छात्र डूसू चुनाव में वोट डालने आए उन्हें कक्षा उपस्थिति में कुछ लाभ दिया जाए। सुझाव भी दिया गया है कि प्रत्येक कॉलेज और विभाग में कम से कम एक वॉल ऑफ डेमोक्रेसी बनाई जाए। जहां सभी प्रत्याशी हस्तलिखित पोस्टर लगा सकें। हमारी मांग है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया और मतगणना अधिक पारदर्शी तरीके से हो। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मतगणना के बाद, डूसू के परिणामों के साथ प्रत्येक उम्मीदवार को प्राप्त कुल मत ही नहीं बल्कि कॉलेजों में मिले वोट भी घोषित किए जाएं। चुनाव में लिंगदोह समिति के निर्देशों के पालन के लिए धनबल व बाहुबल का प्रयोग रोका जाए। इसके लिए एक व्यवहारिक कोड ऑफ कंडक्ट जारी करना चाहिए। यह देखा जाए कि उसका पालन भी हो। किसी भी प्रत्याशी को प्रकाशित सामग्री का उपयोग करने से रोका जाए और जो उपयोग करें उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वोटिंग बाधित होने पर वहां वोटिंग का समय बढ़ाया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed