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DU कॉलेजों में आरक्षण घोटाले की जांच के लिए राष्ट्रपति से दखल की मांग

Mon, 08 May 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 08 May 2017 09:46 AM IST
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Demand for intervention by President for examining Reservation scam in DU colleges
students - फोटो : google

दिल्ली विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में फोरम ऑफ अकेडमिक फॉर सोशल जस्टिस ने आरक्षण घोटाले का आरोप लगाया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी पत्र लिखकर इस मामले में दखल देते हुए जांच की मांग उठाई गई है।

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इसके अलावा यूजीसी, एचआरडी और  एससी, एसटी संसदीय समिति से भी इस मामले में शिकायत पत्र भेजते हुए जांच की मांग की गयी है। फोरम ऑफ अकेडमिक फॉर सोशल जस्टिस ने इस पूरे मामले में एचआरडी या डीओपीटी से जांच करवाने की मांग भी रखी है।    
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फोरम ऑफ अकेडमिक फॉर सोशल जस्टिस के चेयरमैन प्रो. हंसराज सुमन की और से केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, एससी-एसटी संसदीय समिति, एचआरडी और यूजीसी को शिकायत पत्र भेजा गया है। इस शिकायत पत्र में लिखा है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभाग व मान्यता प्राप्त कालेजों में संसदीय समिति, डीओपीटी व यूजीसी के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। 
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कॉलेजों द्वारा सहायक प्रोफेसर के पदों पर दो सौ  पॉइंट पोस्ट बेस रोस्टर को 2जुलाई 1997 से लागू ना करना और आरक्षित वर्गों का बीस वर्षो का बैकलॉग व शॉर्टफाल ना देकर उसे समाप्त करना डीओपीटी नियमों का उल्लघंन है। आरक्षित पदों को सामान्य वर्गो में तब्दील किया जा रहा है।  


जबकि यूजीसी दिशा-निर्देश के तहत एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर व प्रिंसिपल के पदों में आरक्षण का  प्रावधान है, जिसे लागू किया गया, लेकिन पदों को भरने के लिए विज्ञापन नहीं निकाला जा रहा है।

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