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एम्स एमबीबीएस पर्चा लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Jun 2017 11:02 AM IST
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व्यापम घोटाले को उजागर करने वाले डॉक्टर ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एमबीबीएस कथित पर्चा लीक मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनकी ओर से एम्स निदेशक और प्रधानमंत्री कार्यालय से आग्रह किया गया है कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।
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एम्स-प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। इसके साथ इस पूरे मामले की जांच भारत सरकार की किसी जांच एजेंसी से कराने की बात की जा रही है। हालांकि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को इसकी सूचना दी गई है।
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मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले को उजागर करने वाले डॉ. आनंद राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कुछ छात्रों के ई-मेल और व्हाट्स ऐप मैसेज और कंप्यूटर स्क्रीन शॉट्स आए, जिसमें एम्स एमबीबीएस पेपर लीक की जानकारी दी गई।
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उन्होंने ट्वीट कर इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया है। ट्वीट को प्रधानमंत्री कार्यालय को भी टैग किया है। डॉ.राय ने बताया कि उन्हें जो जानकारी मिली है उसके अनुसार लखनऊ के एम.सी.सक्सेना कॉलेज से पेपर का स्क्रीन शॉट लिया गया है। इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट करके भी दी है। डॉ.राय ने एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया से भी शिकायत की गई है सीबीआई जांच की मांग की है।
उधर, इस पूरे मामले को एम्स-प्रशासन ने भी बड़ी गंभीरता से लिया है। एम्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एम्स एमबीबीएस पेपर लीक की जानकारी सोशल मीडिया पर चल रही है इस आधार पर जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है और कमेटी को जल्द अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
बुधवार को एम्स निदेशक की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें तथाकथित पेपर लीक मामले की चर्चा की गई। एम्स की ओर से बनाई गई कमेटी अलग-अलग स्रोतों से इस बारे में जानकारी इकट्ठा करेगी कि आखिर स्क्रीन शॉट सोशल साइट्स पर कैसे आए और किस सेंटर पर गड़बड़ी हुई।
स्क्रीन शॉट कंप्यूटर स्क्रीन के हैं सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग के हैं। एम्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सच्चाई सामने आने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 28 मई को दिल्ली सहित देश भर के 29 राज्यों और तीन केन्द्र शासित प्रदेशों के 537 केन्द्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था।
परीक्षा दिल्ली सहित बाकी छह एम्स में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित की गई थी। कुल 700 सीटों पर दाखिले के लिए आयोजित परीक्षा की गई थी। परीक्षा में करीब साढ़े तीन लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा का परिणाम 14 जून को आना तय था।