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डीयू पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए इंडस्ट्री से भी लेगा फीडबैक, जरूरत पर कर सकेंगे बदलाव
Mon, 08 Apr 2019 02:30 AM IST
देव कश्यप
रश्मि शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 08 Apr 2019 02:30 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सेज के पाठ्यक्रम में बदलाव में इंडस्ट्री के दिग्गज भी अपना फीडबैक देंगे। प्राप्त फीडबैक के आधार पर जरूरत पड़ने पर पाठ्यक्रम में बदलाव भी किए जाएंगे। फीडबैक देने के लिए 10-15 दिन का समय मिलेगा। यह कदम पाठ्यक्रम तैयार करने में पारदर्शिता के लिए उठाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि डीयू में स्नातक कोर्सेज के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जा रहा है। यह बदलाव शैक्षणिक सत्र 2019-20 में ही लागू किए जाने की तैयारी है।
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यूजीसी के लर्निंग आउटकम बेस्ट फ्रेमवर्क के आधार पर स्नातक कोर्सेज पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव की एक लंबी प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। पाठ्यक्रम तैयार करने में किसी तरह की चूक नहीं हो, इसे लागू करने से पहले ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। 10-15 दिन इंडस्ट्री व अन्य हितधारक इस पर अपना फीडबैक दे सकेंगे। डीयू देश-विदेश में काफी प्रसिद्ध विश्वविद्यालय है। ऐसे में यदि इतने बड़े विवि के पाठ्यक्रम में बदलाव की जरूरत है तो इसमें इंडस्ट्री और अन्य हितधारकों का फीडबैक भी लिया जाना जरूरी है। पाठ्यक्रम ऑनलाइन अपलोड करने से पारदर्शिता भी रहेगी।
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अधिकारियों के अनुसार, स्नातक स्तर के 77 प्रोग्राम को 4500 शिक्षक तैयार करेंगे। इन प्रोग्राम के 2700 पेपर तैयार करना काफी कठिन काम है। लिहाजा बारीक से बारीक बात का ध्यान रखा जा रहा है। फीडबैक के बाद जरूरत पड़ने पर बदलाव होगा। उसे कमेटी ऑफ कोर्सेज में रखा जाएगा। उसके बाद फैकल्टी स्तर पर ले जाया जाएगा। इस दौरान भी बदलाव की सिफारिश मिलने पर दोबारा कमेटी ऑफ कोर्सेज में रखा जाएगा। फाइनल ड्राफ्ट तैयार होने पर स्टैंडिंग कमेटी में रखा जाएगा। स्टैंडिंग कमेटी के बाद इसे पास कराने के लिए एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा।
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