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डीयू में चार विषयों के विवादित पाठ्यक्रम के पहले सेमेस्टर को पढ़ाने की मंजूरी

Tue, 06 Aug 2019 10:10 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 06 Aug 2019 10:10 AM IST
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delhi university oversight committee passes first semester of disputed syllabus

दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र व सोशियोलॉजी-ऑनर्स के विवादित पाठ्यक्रम के कारण विद्यार्थियों को अब नुकसान नहीं होगा। दरअसल, अब इन कोर्सेज के पहले सेमेस्टर के पाठ्यक्रम को मंजूरी दे दी गई है।

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सोमवार को ओवरसाइट कमेटी ने बैठक में चार कोर्सेज के विवादित पाठ्यक्रम के पहले सेमेस्टर को पास कर दिया है, जबकि बाकी विवादित पांच सेमेस्टर के पाठ्यक्रम को एक बार फिर से विभागों के पास वापस भेज दिया गया है। 
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डीयू विद्वत परिषद सदस्य डॉ रसाल सिंह ने बताया कि अब ओवरसाइट कमेटी में पहले सेमेस्टर के पेपर को पास कर दिया गया है। इस तरह से पहले सेमेस्टर में अब कोई विवादित बात नहीं है। ऐसा इसलिए किया गया है कि जिससे कॉलेजों में शुरू हो चुके पहले सेमेस्टर में विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान ना हो।
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पांच सेमेस्टर का जो पाठ्यक्रम विभागों को वापस भेजा गया है, उसे कम से कम एक माह के लिए वेबसाइट पर डालकर ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों, विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए व्यापक संशोधन करने के लिए कहा है। 

उल्लेखनीय है कि चार विषयों, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र व सोशियोलॉजी के विवादित पाठ्यक्रम के चलते डीयू का माहौल काफी गर्म है। इन पाठ्यक्रमों में विवादस्पद सामग्री होने के कारण चिंता भी जताई जा रही है। पाठ्यक्रमों में औपनिवेशिक पाठ की जगह भारतीय पाठ को तरजीह देने की सलाह दी गई है।

डॉ सिंह ने कमेटी इस फैसले को अहम बताते हुए इसका स्वागत किया। कहा कि इन चारों विभागों के प्रमुखों को पाठ्यक्रम संशोधन की प्रक्रिया से हटाकर इन विभागों के पाठ्यक्रमों का शुद्धिकरण और भारतीयकरण करने की आवश्यकता है।


इन पाठ्यक्रमों को कम्यूनिस्ट शिकंजे से भी मुक्त करने की आवश्यकता है। इन पाठ्यक्रमों की संशोधन प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए और इसे समावेशी व संवादपूर्ण बनाया जाना चाहिए।

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