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डीयू के एनसीवेब में 500 सीटें बढ़ी, दाखिले के ज्यादा अवसर
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 30 Jun 2017 09:45 AM IST
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- फोटो : google
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दिल्ली विश्वविद्यालय में हाई कट ऑफ के कारण कॉलेजों में दाखिला ना ले पाने वाली छात्राओं के लिए दाखिले की राह आसान होने जा रही है। दरअसल डीयू के नॉन कॉलिजिऐयट वूमेन एजुकेशन बोर्ड(एनसीवेब) में इस साल एक कॉलेज सेंटर में बढ़ोतरी होने के कारण लगभग 500 सीटों बढ़ गई है। एक सेंटर बढने के कारण सेंटरों की संख्या अब 25 से 26 हो गई है। इस तरह से छात्राओं को अब दाखिले के लिए ज्यादा अवसर मिलेंगे।
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एनसीवेब की निदेशक डॉ अंजू गुप्ता ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए एनसीवेब में दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के रुप में एक सेंटर बढ़ गया है। इसी एक सेंटर पर पांच सौ सीटें होंगी। बीते साल तक 25 सेंटरों पर सीटों की संख्या 11,700 थी जो कि इस साल बढ़कर 12, 200 हो गई है।
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बीते साल बीए व बीकॉम के लिए न केवल 5700 सीटें बढ़ी थी बल्कि 12 नए सेंटर भी जुड़े थे। वर्ष 2015-16 सत्र में सीटों की संख्या 6084 सीटें थी। सीटें बढने के कारण डीयू केरेगुलर कॉलेजों में जिन्हें दाखिला का मौका नहीं मिला उन्हें अब पहले से ज्यादा दाखिले का मौका मिल सकेगा।
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डीयू में इस साल एनसीवेब के लिए 54, 310 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यहां दाखिले के लिए कट ऑफ शुक्रवार शाम को जारी की जाएगी जबकि इस कट ऑफ के आधार पर दाखिले 1 जुलाई से शुरु होंगे और चार जुलाई तक दाखिला लिया जा सकेगा। जबकि दूसरी कट ऑफ 7 जुलाई को जारी होगी और 10 जुलाई तक दाखिला होगा। तीसरी कट ऑफ 13 जुलाई को जारी होगी और 15 जुलाई तक दाखिले होंगे। वहीं 18 जुलाई को चौथी कट ऑफ जारी होगी और 19 जुलाई तक दाखिले लिए जा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि नॉन कोलिजेएट में ऐसी छात्राएं दाखिला लेती हैं जो कहीं काम करने की इच्छुक होती हैं और रेगुलर में दाखिला नहीं ले पाती। या फिर रेगुलर में उनका दाखिला ऊंची कट ऑफ के कारण नहीं हो पाता है। एनसीवेब की कक्षाएं डीयू के विभिन्न 26 कॉलेजों में ही चलती हैं और डीयू की ही डिग्री प्रदान की जाती है।