दिल्ली विश्वविद्यालयः दाखिले की दौड़ शुरू, पढ़ें हर बड़ी से छोटी जानकारी यहां पर
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दिल्ली विश्वविद्यालय में जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र 2019-20 में स्नातक पाठ्यक्रमों की लगभग 62,000 सीटों के लिए दाखिले की ऑनलाइन विंडो गुरुवार(30 मई) शाम आठ बजे खुल गई।
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला पोर्टल की सुस्त रफ्तार के बावजूद बीते 24 घंटे में ही डीयू की 62 हजार सीटों के लगभग दोगुने पंजीकरण हो गए। इस तरह से एक-एक सीट पर दाखिले की दावेदारी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार रात आठ बजे से शुक्रवार रात आठ बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण का आंकड़ा 1,01,811 तक पहुंच गया। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 जून तक किया जा सकेगा।
दाखिला पोर्टल पर कई छात्र एक साथ आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में सर्वर पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण आवेदन करने में भी समय लग रहा है। डीयू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 1, 01,811 पंजीकरण हो चुके हैं। अब तक कितने विद्यार्थियों ने आवेदन शुल्क जमा करा कर फॉर्म जमा करा दिया, इसकी जानकारी नहीं दी गई। जिस तरह से पंजीकरण हुए हैं, उससे लगता है कि इस बार आवेदन का आंकड़ा दो लाख से ऊपर पहुंच जाएगा। चूंकि अभी आवेदन करने के लिए काफी दिन बाकी हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में भी फॉर्म जमा करने में तेजी आएगी।
दाखिले के लिए शुरुआत में पांच कट ऑफ ही जारी होंगी
दाखिले के लिए शुरुआत में पांच कट ऑफ ही जारी होंगी। पहली कट ऑफ 20 जून को आने की संभावना है। डीयू दाखिला समिति के चेयरमैन प्रो. राजीव गुप्ता ने बताया कि इस बार पूरी दाखिला प्रक्रिया को स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया गया है। दाखिले के लिए एक अलग से पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरना है। इस बार प्रमाणपत्रों को कम किया गया है।
इस बार से विद्यार्थियों को एक लिस्ट में एक ही बार दाखिला रद्द कराने का मौका मिलेगा। डीयू प्रशासन ने दाखिला रद्द करने पर लगाम लगाने के लिए फीस को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। दाखिले के समय छात्रों के मूल दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। दाखिला प्रक्रिया समाप्त होने के बाद फॉरेसिंक वेरिफिकेशन करने के लिए दस्तावेज लिए जाएंगे, जिन्हें जांच कर लौटा दिया जाएगा।
दाखिला पोर्टल लिंक-http://admissions.du.ac.in.
डीयू एडमिशन गाइडलाइंस की एबीसी
ऐसे भरें आवेदन पत्र
- दाखिला पोर्टल पर आवेदन करने के लिए आवेदकों को पहले पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए एक मेल आईडी और पासवर्ड बनाना होगा।
- दाखिला पोर्टल पूछेगा कि क्या आप सीबीएसई के छात्र हैं यदि हां तो वह सभी जानकारी रोल नंबर डालने पर ही ले लेगा। इसके बाद वेरिफिकेशन के लिए छात्र के फोन नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उसे भरने के बाद उसका वेरिफिकेशन पूरा होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजीकरण पूरा होगा।
- दाखिला फॉर्म में पहले व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सेज, स्पोर्ट्स, फिर ईसीए और जरूरी स्कैन दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म का प्रिव्यू देखा जा सकेगा। उसके बाद ही आवेदन शुल्क का भुगतान होगा।
डीयू एडमिशन गाइडलाइंस की एबीसी
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 30 मई से 14 जून
पीजी, एमफिल व पीएचडी पंजीकरण 3 जून से शुरू
ऑनलाइन फॉर्म की कीमत
| सामान्य व ओबीसी | 250 रुपये |
| एससी-एसटी व पीडब्ल्यूडी, ईडब्ल्यूएस | 100 रुपये |
| यूजी प्रवेश परीक्षा(सामान्य ओबीसी) | 750 रुपये |
| यूजी प्रवेश परीक्षा एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी, ईडब्ल्यूएस | 300 रुपये |
| स्पोर्ट्स फीस | 100 रुपये |
| ईसीए फीस | 100 रुपये |
| कटऑफ लिस्ट | |
| पहली | 20 जून |
(नोट: एनसीवेब की कट ऑफ डीयू की चौथी कट से आनी शुरू होगी। )
दस्तावेजों की जांच व दाखिला मंजूरी का समय
- सुबह की पाली के कॉलेजों में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक
- शाम की पाली के कॉलेजों में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक
किन दस्तावेजों को करना होगा स्कैन
इन दस्तावेजों को स्केन करके रखें
- दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ 10.50 केबी साइज के जेपीजी, जेपीइजी, व पीएनजी फॉर्मेट में तैयार रखें।
- 10.50 केबी साइज के जेपीजी, जेपीइजी व पीएनजी फॉर्मेट में स्वयं के हस्ताक्षर की स्कैन प्रति।
- दसवीं कक्षा की अंकतालिका या प्रमाणपत्र, इसमें जन्मतिथि अंकित होनी चाहिए, यह स्वयं सत्यापित (खुद केहस्ताक्षर किए हुए) होने चाहिए। इसका साइज 100-500 केबी साइस की जेपीजी, जेपीइजी व पीएनजी फॉर्मेट में।
- बारहवीं कक्षा की स्वयं सत्यापित अंक तालिका। यदि अंकतालिका नहीं मिली है तो आवेदक उसे अपने बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर उस पर हस्ताक्षर कर स्कैन करके रखें। इसका साइज भी 100-500 केबी जेपीजी, जेपीइजी व पीएनजी फॉर्मेट में होना चाहिए।
- आवेदक के नाम से एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी, कश्मीरी विस्थापित, सीडब्ल्यू का प्रमाणपत्र मान्यता प्राप्त प्राधिकरण से जारी होना चाहिए।
- आवेदक के नाम से ही ओबीसी (नॉन क्रीमीलेयर) का प्रमाणपत्र होना चाहिए। यह प्रमाणपत्र 31 मार्च 2019 के बाद का होना चाहिए। डीयू केवल उन्हीं जातियों को इसमें शामिल करेगा, जो केंद्र सरकार की सूची में हैं। यह भी 100-500 केबी के साइज के जेपीजी, जेपीइजी व पीएनजी फॉर्मेट में होना चाहिए।
- आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए भी प्रमाणपत्र एसडीएम द्वारा प्रमाणीकृत होना चाहिए। यह भी 31 मार्च 2019 या उसके बाद का जारी होना आवश्यक है। इसका साइज भी 100-500 केबी में जेपीजी, जेपीइजी, पीएनजी फॉर्मेट में होना चाहिए।
(नोट: यदि किसी ने प्रमाणपत्र बनाने के लिए आवेदन किया हुआ है तो उसके लिए वह आवेदन करने की रसीद को अपलोड कर सकता है।)
एनटीए के सहयोग से 22 जून से 6 जुलाई के बीच होगी प्रवेश परीक्षा
दिल्ली विश्वविद्यालय इस बार यूजी, पीजी, एमफिल, पीएचडी के 180 पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के सहयोग से कराएगा। परीक्षा का आयोजन 22 जून से 6 जुलाई के बीच होगा।
इनमें 11 यूजी कोर्सेज बीए ऑनर्स, बिजनेस इकोनॉमिक्स, बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन(बीबीए), फाइनेंशियल इनवेसटमेंट एनॉलिसिस (एफआईए), बीटेक इंफोर्मेशन टेक्नॉलॉजी एंड मैथमेटिक्स इनोवेशन, बीए ऑनर्स ह्यूमेनिटीज एंड सोशल साइंस, बैचलर ऑफ ऐलिमेंट्री एजुकेशन, बैचलर ऑफ साइंस इन फिजिक्स एजुकेशन-हेल्थ एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, बीए ऑनर्स मल्टीमीडिया एंड मॉस कम्यूनिकेशन, पांच वर्षीय इंटिग्रेटेड जर्नलिज्म, बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स इन हिंदुस्तानी संगीत, बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स इन कर्नाटक संगीत, बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स इन संगीत(तबला व पखावज) शामिल हैं।
यूजी कोर्सेज की दो घंटे की प्रवेश परीक्षा में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। सही जवाब पर चार अंक व गलत जवाब पर एक अंक कटेगा। प्रवेश परीक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी होंगी।
ईसीए के तहत 13 श्रेणियों में होंगे दाखिले
डीयू में ईसीए (एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी) के तहत 13 श्रेणी व 39 सब कैटेगिरी बनाई गई हैं। ईसीए के लिए दो चरणों में ट्रॉयल होंगे। पहले चरण के ट्रायल के आधार पर चयनित छात्रों को फाइनल ट्रॉयल के लिए बुलाया जाएगा। फाइनल ट्रायल में 75 फीसदी अंकों की वेटेज फाइनल ट्रॉयल के लिए व 25 फीसदी अंक प्रमाणपत्रों के लिए मिलेंगे। इसके आधार पर फाइनल लिस्ट जारी होगी। 75 फीसदी अंकों में से 38 अंक लाना छात्र के लिए अनिवार्य होगा। इसमें भी किन्ही तीन गतिविधियों में छात्र हिस्सा ले सकेंगे।
एक कट ऑफ में एक ही बार दाखिला रद्द करा सकेंगे
दिल्ली विश्वविद्यालय में नए सत्र के दाखिले में विद्यार्थी अब बार-बार अपना कोर्स या कॉलेज नहीं बदल सकेंगे। इस बार से विद्यार्थियों को एक लिस्ट में एक ही बार दाखिला रद्द कराने का मौका मिलेगा। प्रशासन हर साल बड़ी संख्या में दाखिला रद्द कराने वाले विद्यार्थियों पर लगाम लगाना चाहता है। दरअसल बार-बार दाखिला रद्द कराने से दाखिला प्रक्रिया भी लंबी खिंचती है।
एक कट ऑफ में विद्यार्थी एक बार ही कॉलेज या कोर्स बदल सकेंगे। वहीं विद्यार्थी को जितनी कट ऑफ आएंगी उससे एक कम पर दाखिला रद्द कराने का अवसर दिया जाएगा। मसलन यदि डीयू में कुल 10 कट ऑफ आएंगी तो विद्यार्थी नौ बार दाखिला रद्द करा सकेगा। इसी तरह यदि नौ कट ऑफ आती हैं तो आठ बार, आठ कट ऑफ आती हैं तो सात बार, सात कट ऑफ आती हैं तो छह बार दाखिला रद्द करा सकेगा।
ऐसा होने से दाखिला प्रक्रिया समय से पूरा करने में आसानी होगी। बार-बार दाखिला रद्द कराने से दाखिलों में स्थिरता नहीं आ पाती है। वहीं दाखिला रद्द कराने पर इस बार बीते साल के मुकाबले में ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। डीयू प्रशासन ने दाखिला रद्द करने पर लगाम लगाने के लिए फीस को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है।
प्रमाणपत्रों का फॉरेंसिक सत्यापन करवाएंगे कॉलेज
दिल्ली विश्वविद्यालय में फर्जी दाखिलों को रोकने के लिए इस बार ऑनलाइन वेरिफिकेशन के साथ-साथ फॉरेंसिक वेरिफिकेशन भी होगा। डीयू ने इस बार 12वीं के छात्रों के डाटा के लिए सीबीएसई का सहयोग लिया है। वर्ष 2014-2019 तक का डाटा डीयू को मिला है। सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थी जैसे ही अपनी शैक्षणिक जानकारी डालेंगे उनके दस्तावेज, अंक, जन्मतिथि का वेरिफिकेशन हो जाएगा।
विद्यार्थी फॉर्म में जैसे ही अपना रोल नंबर डालेगा वैसे ही उसका वेरिफिकेशन पूरा होगा। वहीं, यदि किसी कॉलेज को फर्जी दाखिले का शक होता है। तो कॉलेज उसके दस्तावेजों का फॉरेसिंक वेरिफिकेशन करेंगे। डीयू ने इसके लिए कॉलेजों को कहा है कि वह फॉरेसिंक एक्सपर्ट की व्यवस्था करें। उल्लेखनीय है कि कुछ कॉलेजों मेें फॉरेसिंक वेरिफिकेशन पहले से ही है।
मूल दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे
दाखिले के समय छात्रों के मूल दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। दाखिला प्रक्रिया समाप्त होने के बाद फॉरेसिंक वेरिफिकेशन करने के लिए दस्तावेज लिए जाएंगे, जिन्हें जांच कर लौटा दिया जाएगा। दरअसल छात्र दाखिला रद्द कराते हैं ऐसे में उन्हें बार-बार दस्तावेज निकालने में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए इस बार मूल दस्तावेज जमा नहीं कराए जा रहे हैं।
ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए अलग से जारी होगी कट ऑफ
दिल्ली विश्वविद्यालय में इस बार सवर्णों के लिए दस फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया गया है। डीयू में इस आरक्षण के तहत दो इस साल 10 फीसदी व अगले साल 15 फीसदी बढ़ेंगी। आरक्षण के लागू होने के कारण इस बार ईडब्ल्यूएस की कट ऑफ अलग से आ जाएगी।
अब तक सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी श्रेणी के लिए कट ऑफ आती रही है। दाखिला समिति के चेयरमैन प्रो राजीव गुप्ता ने बताया कि जिस तरह से ओबीसी आरक्षण लागू होने पर व्यवस्था हुई थी। ठीक उसी प्रकार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवेदकों के लिए कया जाएगा।
इंटरनेशनल स्तर पर मेडल जीत चुके विद्यार्थियों को मिलेगा सीधे दाखिला
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स कोटे में 32 खेलों के लिए दाखिला होगा। जून के अंतिम सप्ताह में खेलों के लिए ट्रॉयल आयोजित किए जाएंगे। बीते साल की तरह ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुके विद्यार्थियों का सीधा दाखिला हो जाएगा। उन्हें किसी तरह का ट्रॉयल नहीं देना होगा। उल्लेखनीय है कि डीयू में पांच फीसदी सीटें ईसीए व स्पोर्ट्स के लिए हैं।
डीयू ने इस बार लगभग 12 खेलों को स्पोर्ट्स कोटे के दाखिलों से हटा दिया है। डीयू को खेल एवं युवा मंत्रालय की ओर से सुझाव दिए गए थे कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में शामिल खेलों को बढ़ावा दें। लिहाजा ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियम गेम्स में शामिल 24 खेलों को जगह दी गई है। इसके अलावा तीन खेल क्रिकेट, खो-खो और शंतरज को भी स्पोर्ट्स कोटे में जगह दी गई है।
इस बार योग को ईसीए के तहत रखा जा रहा है। डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल निदेशक अनिल कलकल ने बताया कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत दो श्रेणी बनाई गई हैं। एक में सीधे और दूसरे ट्रॉयल के माध्यम से दाखिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए प्रतिनिधित्व कर चुके और मेडल जीत चुके खिलाड़ियों को सीधे दाखिला दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरी श्रेणी में दाखिला ट्रायल के आधार पर होगा। ट्रॉयल में अंकों की वेटेज 60 फीसदी व प्रमाणपत्रों की वेटेज 40 फीसदी की होगी। छात्र अपने तीन बेस्ट प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। इस बार छात्र केवल तीन खेलों के लिए ही आवेदन कर सकेगा।
ऑनलाइन कैलकुलेटर से होगी बेस्ट फोर विषयों के अंकों की गणना
एसटी की सीटों को भरने के लिए स्पेशल ड्राइव चलेगा
डीयू में इस बार एसटी श्रेणी की कट ऑफ के आधार पर सीटें नहीं भरने पर स्पेशल ड्राइव चलाया जाएगा। हर साल एसटी श्रेणी की सीटों पर छात्र दाखिले के लिए नहीं आ पाते। ऐसे में प्रशासन इस बार तीन-चार कट ऑफ आ जाने के बाद स्पेशल ड्राइव की शुरुआत कर देगा। इस ड्राइव का मकसद इस श्रेणी के छात्रों को जागरूक करना और सीटें भरना होगा। बची हुई सीटों के आधार पर ही अगली कट ऑफ निकाला जाएगा।
ऑनलाइन कैलकुलेटर से होगी बेस्ट फोर विषयों के अंकों की गणना
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया में बेस्ट फोर विषयों की अंकों की गणना ऑनलाइन कैलकुलेटर से होगी। यह कैलकुलेटर दाखिला पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से किसी छात्र के किसी कोर्स में दाखिले के लिए अंकों की गणना अपने आप हो जाएगी। छात्र को पता चल जाएगा कि किस विषय के लिए कितनी पर्सेटेज बन रही है। यह सुविधा होने से अंकों की गणना में एकरूपता आएगी, साथ ही छात्रों को अलग-अलग कॉलेजों में जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। इससे यह भी पता चल जाएगा कि छात्र किसी कोर्स में दाखिले के योग्य है या नहीं। इस तरह से दाखिला पोर्टल को प्रशासन ने छात्र हितैषी बनाने का प्रयास किया है।
फॉर्म में पहले ही सभी कोर्सेज पर होगा चयन का निशान
ऑनलाइन फॉर्म में इस बार सभी कोर्सेेज पर चयन (सही) का निशान लगा होगा। छात्र किसी कोर्स का चयन नहीं करना चाहता है तो वह उसे अनक्लिक कर सकता है। दरअसल हर साल छात्रों की शिकायत होती है कि उनको कुछ और कोर्स भरना था और वह भूल गए। ऐसे में प्रशासन ने इस बार पहले ही सभी कोर्सेज पर चयन का निशान लगा दिया है। ताकि छात्रों की भूल की गुजाइंश ना रहे। दरअसल पहले छात्र कोर्स का चयन नहीं करते और दाखिला नहीं होने पर उस कोर्स को फॉर्म में जुड़वाने के लिए आते हैं।