फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi government will give self defense training to girls

मनचलों के लिए बुरी खबर, अब दिल्ली में लड़कियों से छेड़खानी पड़ जाएगी भारी

Fri, 05 May 2017 10:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 05 May 2017 10:01 AM IST
सार


- हाईकोर्ट के सुझाव पर दिल्ली सरकार ने भरी हामी, पेपर स्प्रे का खर्च देने की भी सिफारिश      
- हाईकोर्ट ने कहा लड़कियां स्वयं रक्षा कर सके, इसके लिए यह जरूरी      
अमर उजाला ब्यूरो      
नई दिल्ली, 04 मई

विज्ञापन
delhi government will give self defense training to girls
आत्म रक्षा की ट्रेनिंग

विस्तार

राजधानी में महिलाओं व बच्चियों के प्रति बढ़ते अपराधों के ध्यानार्थ अब दिल्ली सरकार अपने सभी स्कूलों में लड़कियों को आत्मरक्षा कक्षाएं शुरू करेंगी। दरअसल, हाईकोर्ट द्वारा इस संबंध में दिए सुझावों को स्वीकार कर दिल्ली सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि आगामी कुछ ही महीनों में सभी स्कूलों में लड़कियों को आत्मरक्षा की टेनिंग दी जाएगी।

विज्ञापन

    
न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट्ट और न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की खंडपीठ ने महिलाओं की सुरक्षा मामले की सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि क्या आत्म रक्षा पाठ्यक्रम स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा बन सकता है।
विज्ञापन


अदालत ने माना कि ये आत्मरक्षा कक्षाएं लड़कियों के हाथ और मजबूत करती है और वे अपनी आत्मरक्षा सुनिश्चित करती हैं। खंडपीठ ने यह भी सुझाव दिया है कि इन लड़कियों को प्राथमिकता के आधार पर आत्मरक्षा पर विशेष तकनीक प्रदान की जा सकती है। इतना ही नहीं अदालत ने स्कूल में लड़कियों को पेपर स्प्रे का खर्च भी देने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने दिल्ली सरकार के अधिवक्ता राहुल मेहरा से कहा आपको उन्हें (लड़कियों को) प्रशिक्षित करना है। मेहरा ने अदालत को आश्वासन दिया कि आगामी महीनों में आत्मरक्षा कक्षाओं को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा और उन्हें इस मुद्दे पर सरकार से निर्देश मिल गया है।

40 करोड़ रुपये डीएसएलएसए उपलब्ध कराए जाएंगे

delhi government will give self defense training to girls

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वामी मालीवाल ने खंडपीठ को बताया कि आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिल्ली पुलिसकर्मी देते है लेकिन उनकी संख्या मात्र 60 ही है। अदालत ने कहा आप इस काम में स्वयंसेवियों की भी मदद ले सकते है। लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग जरूरी है ताकि वे अपनी रक्षा कर सके।

सुनवाई के दौरान दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) व अधिवक्ता मीरा भाटिया ने आरोप लगाया था कि राजधानी में बलात्कार पीड़ित मुआवजा योजना में सरकार उचित मात्रा में फंड उपलब्ध नहीं करवा रही। इस कारण पीड़ितो को मुआवजा देने में दिक्कत आ रही है। वर्तमान में डीएसएलएसए के पास फंड की कमी के कारण 308 मामले लंबित है।      
अधिवक्ता मेहरा ने अदालत को आश्वासन दिया कि 40 करोड़ रुपये डीएसएलएसए के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके लिए मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अदालत ने सरकार को फिलहाल डीएसएलएसए को आठ करोड़ रुपये तत्काल जारी करने के निर्देश दिए है।

दिल्ली के महिला आयोग के अध्यक्ष स्वाती मलाइवाल ने खंडपीठ को बताया कि राजधानी में हर रोज की बलात्कार की घटनाएं दर्ज की जाती हैं। उन्होंने दिल्ली में अपराध की बढ़ती दर से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों की काफी कमी है। वर्तमान में औसतन प्रति वर्ष रेप की 1500 से 1700 और हत्या की करीब एक हजार वारदातें होती है।

विश्व में सबसे बड़े महानगर दिल्ली में वर्तमान में 76000 पुलिसकर्मी है और उसे राजधानी में पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए अतिरिक्त 54482 पुलिसकर्मियों की जरूरत है।      
केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि गृह मंत्रालय ने केवल 14753 नए पदों की मंजूरी दे दी है और अन्य विभागोंकी मंजूरी लंबित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed