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सरकारी स्कूलों में जिले की बहू बेटियां देंगी तालीम

Tue, 04 Jul 2017 06:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Tue, 04 Jul 2017 06:17 PM IST
सार

मेवात में 11 नवंबर 2011 को शिक्षा का हक अभियान की शुरूआत करती मीरा कुमार।

- एमडीए की पहल पर जेबीटी बीएड करने वाली बहू बेटियों को मिलेगा रोजगार
- सर्वेक्षण् का काम शुरू, जिले में करीब इनकी संख्या 600 के आसपास है
राजुद्दीन जंग

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डेमो - फोटो : demo pic

विस्तार

सालों से मेवात के सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए मेवात विकास अभिकरण ने प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा है। सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई के अंत तक मेवात की पढ़ी लिखी जेबीटी और बीएड कर चुकीं बहू-बेटियां शिक्षक बनकर अपने ही स्कूलों में गांव के बच्चों को पढ़ाती नजर आएंगी।

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इस मामले में एमडीए मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से वार्तालाप कर चुका है। इस संबंध में कुछ गांवों में जेबीटी और बीएड कर चुकी बहू-बेटियाें के सर्वेक्षण का काम भी शुरू हो चुका है। जिले के 443 गांव में बने प्राइमरी स्कूलों में 1056 जेबीटी के पद खाली पड़े हैं।
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वहीं अभिभावक साझा शिक्षा देने से भी कतराते हैं, इसलिए भी हर साल हजारों लड़कियां आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं। उसकी खास वजह महिला शिक्षकों की तैनाती सरकारी स्कूलों में न होना है।
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इस सिलसिले में यूपीए सरकार के दौरान मेवात की धरती से देश स्तर पर शिक्षा का हक अभियान तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के हाथों शुरू करवाया गया था। लेकिन उसके बाद में लड़कियों को उतनी तवज्जो नहीं मिल सकी, जितना अंदाजा लगाया जा रहा था।

नई बात यह है कि इस बार एमडीए को जीवंत करने के लिए भाजपा सरकार ने चेयरमैन की नियुक्ति की है। इसके बाद से एमडीए द्वारा संचालित 8 स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए 48 शिक्षकों की भर्ती को हरी झंडी दे दी गई है।

इसके बाद मेवात के स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने से बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं मेवात की बहू-बेटियों के लिए भी जिले के अंदर ही रोजगार के नए दरवाजे खुल जाएंगे।


जानकारी के मुताबिक जिले की करीब 600 बहू-बेटियां जेबीटी और बीएड पास हैं। ऐसे में अन्य पदों को भरने के लिए एमडीए को और मशक्कत करनी पड़ेगी।

एमडीए के चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने बताया कि करीब सवा पांच सौ सरकारी स्कूलों में वर्षों से रिक्त पदों को भरने के लिए शिक्षामंत्री व सीएम से बातचीत हो चुकी है। काफी देर तक सीएम ने इस मसले पर चर्चा हुई। मुझे उम्मीद है कि जिले में जेबीटी एवं बीएड करने वाली बेटियों को सम्मान देने का यह सबसे बड़ा अवसर है। वह खुद ही यहां की बालिकाओं को अच्छी तालीम देंगी। योजना का प्रपोजल सरकार को भेजा जा चुका है।

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