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दस्तावेज न मिलने पर दाखिला न देना उचित : कोर्ट

Wed, 12 Oct 2016 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 12 Oct 2016 10:56 AM IST
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court said admission can be denied after not giving documents
- फोटो : demo pics

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी प्रवेश परीक्षा में रैंक पाने वाले विद्यार्थी अगर प्रवेश के लिए काउंसलिंग के समय जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कर पाते हैं, तो वे दाखिला न देने पर विश्वविद्यालय को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।

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न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा चूंकि याचिकाकर्ता अधिसूचना के अनुसार, मूल दस्तावेजों के साथ काउंसलिंग में नहीं आ सका, इसलिए उसे प्रवेश न देने व बाद की तारीख में दी गई डिग्री पर विचार न करने की प्रतिवादी विश्वविद्यालय की कार्रवाई को गलत नहीं बताया जा सकता। अदालत ने छात्र भीम शंकर ठाकुर की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
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याची ने आग्रह किया था कि दिल्ली विश्वविद्यालय को उनकी डिग्री को स्वीकार करने व 2016-17 के सत्र में एलएलबी पाठ्यक्रम में दाखिला देने का निर्देश दिया जाए। ठाकुर एलएलबी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे और उन्हें ओबीसी श्रेणी में 767 रैंक प्राप्त हुई थी। रैंक के अनुसार, उन्हें 22 अगस्त को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन वह स्नातक की मूल डिग्री जमा नहीं कर सके। 
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डिग्री नहीं ली थी
याची ने 2012 में स्नातक किया था, लेकिन विश्वविद्यालय से डिग्री नहीं ली थी। विश्वविद्यालय ने जब उन्हें दाखिला देने से मना किया, तो उन्होंने आठ सितंबर 2016 को मेरठ के अपने पूर्व विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की। जब वह काउंसलिंग समाप्त होने के बाद डिग्री जमा करने दिल्ली विश्वविद्यालय गए तो डीयू ने उसे स्वीकार नहीं किया।

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