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कॉन्वेंट स्कूल ने छात्रा को परीक्षा में बैठने से रोका, स्टूडेंट ने पांच लाख मुआवजे का केस ठोका

Tue, 28 Mar 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Mar 2017 09:35 AM IST
सार

स्कूल व सरकार से जवाब तलब 
लैंसर्स कॉंवेंट स्कूल की छात्रा ने परीक्षा में बैठने से मना करने पर मांगा पांच लाख रुपये मुआवजा
स्कूल व सरकार से जवाब तलब

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convent school student stopped to appear in exam ask 5 lakhs compensation
- फोटो : concept photo

विस्तार

रोहिणी स्थित लैंसर्स कॉंवेंट स्कूल की छठी कक्षा में पढने वाली बच्ची ने उसे परीक्षा में बैठने से रोकने पर हाईकोर्ट की शरण ली है। बच्ची ने आरोप लगाया कि उसके पिता ने स्कूल से फीस को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी थी और स्कूल प्रशासन ने उसे परीक्षा नहीं देने दी।

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ऐसे में उसे पांच लाख रुपये मुआवजा दिलवाया जाए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशालय और स्कूल प्रशासन ने जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति वी.कामेश्वर राव ने सरकार और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न बच्ची को मुआवजा प्रदान किया जाए।
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इसके अलावा अदालत ने स्कूल प्रशासन को बच्ची को सातवीं कक्षा में प्रमोट करने का भी निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने स्कूल प्रशासन को याची छात्रा स्नेहा को सातवीं कक्षा के सभी विषयों की पढ़ाई करने के साथ-साथ स्कूल के सभी अतिरिक्त गतिविधियों में शामिल होने देने का निर्देश दिया है।

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आरटीआई से मांगी थी फीस बढ़ोतरी की जानकारी

convent school student stopped to appear in exam ask 5 lakhs compensation
याची के अधिवक्ता अशोक  अग्रवाल ने अदालत को बताया कि स्नेहा ने पिछले साल अगस्त में रोहिणी के लैंसर्स कॉंवेंट स्कूल की छठी कक्षा में दाखिला लिया था। नवंबर-दिसंबर 2016 को उसके पिता सत्य प्रकाश ने आरटीआई के जरिए स्कूल प्रशासन से फीस, फीस बढ़ोतरी इत्यादि संबंधी जानकारी मांगी।

इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने 9 फरवरी को स्नेहा के पिता को पत्र लिखकर बताया कि उन्होंने बेटी के स्थानांतरण प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया है और 15 फवरी तक ऐसा न करने पर दाखिला रद्द की चेतावनी दी गई। इसके बाद उसे परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया।
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