फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Controversy over Delhi University Department of History and Non-Collegiate

डीयू: इतिहास विभाग और नॉन कॉलेजिएट को लेकर विवाद गहराया

Sun, 12 Aug 2018 10:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 12 Aug 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
Controversy over Delhi University Department of History and Non-Collegiate
फाइल फोटो
दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग प्रमुख और नॉन कॉलेजिएट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इतिहास विभाग पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए जा रहे हैं तो नॉन कॉलेजिएट में नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों की श्रेणी बदलने के आरोप लग रहे हैं। 
विज्ञापन


इनके विरोध में विद्वत परिषद सदस्य आज विश्वविद्यालय के गेट पर भूख हड़ताल करेंगे। विद्वत परिषद की सदस्य डॉ लता ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष नियमों को तोड़कर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। 
विज्ञापन


इतिहास विभाग ने एमफिल और पीएचडी की लिखित परीक्षा केवल अंग्रेजी माध्यम में कराकर लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जबकि कक्षा में 80 प्रतिशत छात्र हिंदी माध्यम के हैं। इसके साथ ही तदर्थ पैनल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।      
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के बाहर से पीएचडी धारकों को पैनल श्रेणी 1 व 2 से हटा दिया है। विभाग ईसी रेजोल्यूशन 2007 को नहीं मान रहा है। कॉलेज स्तर पर तदर्थ नियुक्ति के लिए सेलेक्शन कमेटी होती हैं, जिसमें कॉलेज के सदस्य शिक्षकों की भर्ती करते हैं। 

आरोप है कि विभागाध्यक्ष इस सेलेक्शन कमेटी से भी छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह उनका अधिकार क्षेत्र नहीं है। वहीं, आरोप लगाया गया कि नॉन कॉलेजिएट के चेयरमैन भी नियमों को तोड़कर दिल्ली विश्वविद्यालय की छवि खराब कर रहे हैं। 

नॉन कॉलेजिएट में तदर्थ पैनल श्रेणी 1 व 2 को केवल पढ़ाने के लायक समझा गया है। ऐसा ही इतिहास विभाग में भी हो रहा है। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष अपने अनुसार शिक्षकों की श्रेणी बदल रहे हैं। 

जब यूजीसी ने शिक्षकों के लिए अहर्ताएं एमए व नेट तय की है तो यह दोनों लोग अपने नियम कैसे थोप सकते हैं। इन दोनों विद्वत परिषद के सदस्यों ने उक्त दोनों विभागों के अध्यक्षों को हटाने की मांग की है। इसके विरोध में विद्वत परिषद के सदस्य सोमवार सुबह दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय गेट के बाहर भूख हड़ताल करेंगे।      
 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed