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दाखिले का अवसर बरकरार, सोमवार तक होंगे चौथी कट ऑफ लिस्ट के दाखिले
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 17 Jul 2016 12:58 AM IST
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डीयू दाखिला
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दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ अपने अंतिम चरण में है। बावजूद छात्रों के पास अब भी कई कॉलेजों में दाखिले का अवसर है। यह अवसर पांचवीं कट ऑफ तक बने रहने की उम्मीद है।
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दरअसल, कॉलेजों में दाखिले के साथ-साथ दाखिले रद्द भी हो रहे हैं। इस कारण से कुछ कॉलेज मेें तो संतुलन बन रहा है लेकिन, कई जगह असंतुलन बना हुआ है।खासकर साउथ कैंपस के कॉलेजों में। कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि नॉर्थ कैंपस के दाखिले बंद नहीं होने के कारण साउथ कैंपस के कुछ कॉलेजों से सीटें खाली हो रही हैं।
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चौथी कटऑफ लिस्ट के दाखिले के दूसरे दिन बारिश ने दाखिलों पर थोड़ा ब्रेक लगाए रखा। कई कॉलेजों में बीकॉम व बीकॉम ऑनर्स, व ईको ऑनर्स, अंग्रेजी ऑनर्स में कुछ एक जगह सीटें खाली भी हैं।
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लेकिन कई कॉलेजों में दाखिले रद्द भी कराए जा रहे हैं। आर्य भट्ट के प्रिंसिपल डॉ. मनोज सिन्हा कहते हैं कि इस बार यह हैरान करने वाला है कि चौथी कटऑफ लिस्ट तक दाखिले हो रहे हैं।
उनके यहां पहली कटऑफ तक लगभग 300 दाखिले हो गए थे लेकिन बाकी कटऑफ में हुए दाखिले रद्द होने के कारण दाखिलों की संख्या घट गई थी। उन्होंने कहा कि सोमवार को दाखिलों के बाद अंदाजा लगाया जा सकेगा कि पांचवीं लिस्ट कितनी कम करनी पड़ेगी।
टाइम टेबल व वर्कलोड तैयार करने में जुटे कॉलेज
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- फोटो : अमर उजाला
एआरएसडी में 1179 सीट पर अब तक 800 दाखिले हो चुके हैं। शनिवार को जहां 100 दाखिले हुए तो वहीं लगभग 40 दाखिले रद्द भी हुए। वहीं, रामलाल आनंद कॉलेज में शनिवार को 122 दाखिले हुए तो 22 दाखिले रद्द हुए।
फीस की फांस अब तक बनी हुई है
वहीं दूसरी कटऑफ के बाद से शुरू हुई फीस भरने में आ रही समस्या अब तक बरकरार है। छात्रों का कहना है कि डीयू वेबसाइट की धीमी रफ्तार के कारण अब तक फीस जमा नहीं हो पाई है।
जबकि कुछ छात्रों की शिकायत है कि उनके बैंक खाते से फीस के लिए पैसे कट चुके हैं और कहा जा रहा है कि फीस जमा नहीं हुई है। ऐसे में दाखिला पक्का नहीं हो पा रहा।
कॉलेज टाइम टेबल व वर्कलोड तैयार करने में जुटे
दिल्ली विश्वविद्यालय में बीस जुलाई से शुरू होने जा रहे नए सत्र के लिए दाखिलों के बीच कॉलेजों ने कक्षाएं लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए कॉलेजों में टाइम टेबल व वर्कलोड तैयार किया जा रहा है।
जहां कुछ कॉलेजों में वर्कलोड तैयार कर लिया गया तो कुछ में टाइम टेबल तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। कॉलेजों का प्रयास है कि समय पर टाइम टेबल तैयार कर समय से पढ़ाई शुरू हो। मालूम हो कि छात्रों व शिक्षकों के लिए टाइम टेबल व वर्कलोड बनाना जरूरी है। उसी के आधार पर कक्षाएं चलती हैं।
फीस की फांस अब तक बनी हुई है
वहीं दूसरी कटऑफ के बाद से शुरू हुई फीस भरने में आ रही समस्या अब तक बरकरार है। छात्रों का कहना है कि डीयू वेबसाइट की धीमी रफ्तार के कारण अब तक फीस जमा नहीं हो पाई है।
जबकि कुछ छात्रों की शिकायत है कि उनके बैंक खाते से फीस के लिए पैसे कट चुके हैं और कहा जा रहा है कि फीस जमा नहीं हुई है। ऐसे में दाखिला पक्का नहीं हो पा रहा।
कॉलेज टाइम टेबल व वर्कलोड तैयार करने में जुटे
दिल्ली विश्वविद्यालय में बीस जुलाई से शुरू होने जा रहे नए सत्र के लिए दाखिलों के बीच कॉलेजों ने कक्षाएं लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए कॉलेजों में टाइम टेबल व वर्कलोड तैयार किया जा रहा है।
जहां कुछ कॉलेजों में वर्कलोड तैयार कर लिया गया तो कुछ में टाइम टेबल तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। कॉलेजों का प्रयास है कि समय पर टाइम टेबल तैयार कर समय से पढ़ाई शुरू हो। मालूम हो कि छात्रों व शिक्षकों के लिए टाइम टेबल व वर्कलोड बनाना जरूरी है। उसी के आधार पर कक्षाएं चलती हैं।