{"_id":"57fb4c354f1c1b675228ea06","slug":"computational-linguistic-course-is-approved-in-jnu-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेएनयू में कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक कोर्स को मंजूरी","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
जेएनयू में कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक कोर्स को मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Oct 2016 09:42 AM IST
विज्ञापन
जेएनयू
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल ने कंप्यूटेशनल लिंगग्विस्टिक कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है। वहीं योग फिलॉस्फी और भारतीय संस्कृति कोर्स के प्रस्ताव को लौटा दिया और इसके लिए विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।
विज्ञापन
बैठक में कोर्स को ऑप्शनल और शार्ट टर्म रखने की भी चर्चा हुई। जेएनयू की शनिवार को आयोजित एकेडमिक काउंसिल की बैठक में मुख्य तौर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा तीन नए कोर्स कंप्यूटेशनल लिंगग्विस्टिक, योग फिलॉस्फी और भारतीय संस्कृति को शुरू करने पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
काउंसिल सदस्यों ने संस्कृत विभाग के कंप्यूटेशनल लिंगग्विस्टिक कोर्स को शुरू करने की सहमति दे दी। कंप्यूटेशनल लिंगग्विस्टिक भाषा को तकनीक के जरिये वैज्ञानिक तरीके से पढाई का एक विषय है।
विज्ञापन
हालांकि योग फिलॉस्फी और भारतीय संस्कृति कोर्स पर सदस्यों का कहना था कि इन दोनों विषयों का एरिया बहुत बड़ा है। जबकि एजेंडे में दी जानकारी कम हैं, इसमें बहुत कुछ शामिल किया जा सकता है, ताकि छात्रों को पूरा लाभ मिल सके। इसलिए इन दोनों प्रोग्राम के लिए विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।
वहीं, विश्वविद्यालय ने इन तीनों कोर्स को शॉर्ट टर्म में शुरू करने का एजेंडा तैयार किया था, लेकिन बैठक में इन तीनों कोर्स को ऑप्शनल रखने पर बात हुई। क्योंकि ऑप्शनल कोर्स होने से जेएनयू में पढ़ाई कर रहे छात्र भी दाखिला ले सकते हैं।
हालांकि शॉर्ट टर्म होने से अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र भी दाखिला ले सकेंगे। इसलिए सदस्यों ने इसे ऑप्शनल कोर्स में रखने का सुझाव दिया है।