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DUSU Election 2018: फर्जी डिग्री मामला गरमाया, अध्यक्ष के खिलाफ डीयू और पुलिस में शिकायत

Thu, 20 Sep 2018 05:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 20 Sep 2018 05:51 AM IST
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Complaint Against DUSU president in DU and Police
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकिव बसोया के फर्जी डिग्री के आधार पर डीयू में दाखिला लेने के आरोप का मामला गरमाता जा रहा है। तमिलनाडु की थिरुवल्लूवर यूनिवर्सिटी के अंकिव को स्नातक की डिग्री नहीं देने की बात सामने आने के बाद एनएसयूआई सक्रिय हो गई है। 
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बुधवार को एनएसयूआई ने नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन कर मौरिस नगर पुलिस थाने और डीयू प्रशासन से इस संबंध में शिकायत भी की। अंकिव का एमए बुद्धिस्ट स्टडी का दाखिला रद्द करने की मांग की गई है।
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एनएसयूआई के साथ ही आइसा व सीवाईएसएस ने भी इस मामले को लेकर डीयू प्रशासन को शिकायत दी है। सीवाईएसएस की दिल्ली प्रदेश इकाई ने कुलपति से मांग की है कि इस मामले की जांच प्रक्रिया पूरी होने तक अंकिव बसोया को विवि में प्रवेश से रोका जाए।
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अध्यक्ष पद से कार्यमुक्त रखा जाए। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने फर्जी डिग्री प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई की मांग है कि मतपत्र से नए चुनाव कराए जाएं और अंकिव को हटाकर उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले में डीयू प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। अंकिव के खिलाफ कोई जांच बैठेगी या उनका दाखिला रद्द कर कार्रवाई होगी, इन सवालों का जवाब देने से डीयू अधिकारी बच रहे हैं। 

डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया पर आरोप है कि उन्होंने डीयू में दाखिला लेने के लिए फर्जी डिग्री का उपयोग किया है। अंकिव ने चुनाव लड़ते समय थिरुवल्लूवर विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री की बात कही थी। उधर, एनएसयूआई थिरुवल्लूवर विश्वविद्यालय के हवाले से दावा कर रही है कि उसने ऐसे किसी भी व्यक्ति को डिग्री नहीं दी है।

दाखिला रद्द हुआ तो पद छोड़ना होगा 
डीयू से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि जांच में अंकिव की डिग्री फर्जी पाई गई तो उनका दाखिला रद्द हो सकता है। फिर वह डीयू के छात्र नहीं रहेंगे। लिहाजा उन्हें डूसू अध्यक्ष पद से हटना होगा। 

हालांकि इसका लाभ एनएसयूआई को नहीं होगा। नियमों के अनुसार, अंकिव को हटाया गया तो उनका पद खाली ही रहेगा। उस पर डूसू चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे एनएसयूआई के सन्नी छिल्लर को नहीं बिठाया जाएगा।

2016 में अंकित सांगवान पर भी लगाया था आरोप
वर्ष 2016 के डूसू चुनाव में भी एनएसयूआई ने एबीवीपी के एक प्रत्याशी पर फर्जी डिग्री के आरोप लगाए थे। एनएसयूआई ने उस समय एबीवीपी उम्मीदवार अंकित सांगवान पर आरोप लगाया था कि उनकी जो डिग्री सामने आई है, उसका राजस्थान की सनराइज यूनिवर्सिटी में कोई नामांकन नहीं है। आरोप के बावजूद अंकित सांगवान एबीवीपी से सचिव पद पर जीते थे।
 
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