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अब रंग-बिरंगे ड्रेस में दिखेंगे सरकारी स्कूल के विद्यार्थी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Tue, 09 May 2017 12:57 PM IST
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- फोटो : google
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गुरुग्राम जिले के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी अब निजी स्कूलों की तरह रंग-बिरंगे ड्रेस कोड में दिखाई देंगे। अब सरकारी व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के बीच अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा कि कौन सा विद्यार्थी सरकारी स्कूल में पढ़ता है और कौन सा निजी स्कूल में। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत इस शिक्षा सत्र से प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी एक जैसे मॉडर्न नजर आएंगे।
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दरअसल, पिछले सत्र तक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए एक जैसी यूनिफॉर्म कोड का मापदंड रहता था। सभी स्कूलों में एक जैसा ड्रेस लागू होता था, लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। अब सरकारी स्कूलों पर एक जैसी यूनिफॉर्म कोड को मानने का दबाव नहीं रहेगा। यूनिफॉर्म के रंग डिजाइन में बदलाव सरकारी विद्यालय अपनी मर्जी से कर सकेगा। शिक्षा विभाग ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। चालू वित्त वर्ष में यह फैसला सभी सरकारी स्कूलों पर लागू हो गया है।
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इस फैसले के बाद जिले में सरकारी विद्यालयों के छात्र भी अब आधुनिक स्कूलों के तर्ज पर मनमोहक यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार, 15 मई तक नए शिक्षा सत्र के लिए यूनिफॉर्म ग्रांट की राशि बच्चों के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में भेजी जानी है। शिक्षा विभाग ने ऐसे बच्चों की सूची भी जारी की है, जिनके आधार नंबर सही हैं। या फिर उनके आधार नंबर बैंक खाते से जुड़े नहीं हैं। जिस वजह से यूनिफार्म की राशि पहुंचने में समय भी लग सकता है।
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बता दें कि सरकार की तरफ से पहली से 5वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 800 रुपये तथा छठी से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार यह ड्रेस कोड 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों पर लागू नहीं होगा।
स्कूल प्रबंधन कमेटी विद्यालय मिलकर लेंगे फैसला
शिक्षा विभाग के इस नए आदेश के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अलग से ड्रेस के बजट का प्रावधान किया जा रहा है। विभाग द्वारा बजट दिए जाने पर स्कूल प्रबंधन कमेटी विद्यार्थियों के लिए मनमानी यूनिफॉर्म तैयार कराने के लिए अधिकृत होगी। शिक्षा विभाग के अनुसार सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म के चयन के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी के साथ-साथ अभिभावक, अध्यापक एसोसिएशन यानी पीटीए के सदस्यों द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।