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बगैर प्रिंसिपल के चल रहे हैं एक दर्जन कॉलेज 

Fri, 31 Mar 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 31 Mar 2017 09:29 AM IST
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colleges in delhi running without principals
- फोटो : SELF

दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध 28 कॉलेज बीते चार माह से बगैर गवर्निंग बॉडी (जीबी) के चल रहे हैं। इन कॉलेजों में काम चलाऊ ट्रेंकटिड गवर्निंग बॉडी से काम चलाया जा रहा है। वहीं एक दर्जन ऐसे कॉलेज हैं जो कि अस्थायी प्रिंसिपल के सहारे चल रहे हैं।

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इन कॉलेजों में लगभग दो हजार तदर्थ शिक्षक बीते दस सालों से स्थायी होने का इंतजार कर रहे हैं। इन कॉलेजों की ऐसी स्थिति के कारण टीचिंग, नॉन टीचिंग, प्रिंसिपल की नियुक्ति की प्रक्रिया लटकी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए एकेडमिक काउंसिल सदस्य की ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिखा है।
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गौरतलब है कि डीयू में 28 ऐसे कॉलेज हैं जो दिल्ली सरकार से संबंद्ध है। इनमें दिल्ली सरकार की गवर्निंग बॉडी होती है। डीयू के एकेडमिक काउंसिल सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिख कर अवगत कराया है कि गवर्निंग बॉडी नहीं होने से ज्यादातर काम अटके हुए हैं, ऐसे में जल्द से जल्द गवर्निंग बॉडी के सदस्यों के नाम डीयू कुलपति को भेजे ताकि सदस्यों के नाम पास होने के बाद जीबी, कॉलेजों को भेज सके और लंबे समय से लंबित प्रिंसिपल, सहायक प्रोफेसर व नॉन टीचिंग वर्ग की नियुक्ति हो सके।
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वहीं उन्होंने पत्र में एक दर्जन कॉलेजों में अस्थायी तौर पर काम कर रहे प्रिंसिपल का मामला भी उठाया है। इनमें गार्गी, भारती, मोतीलाल नेहरू, मोती लाल नेहरू, सांध्य, विवेकानंद, राजधानी, श्रद्धानंद, दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स, भगत सिंह कॉलेज (सांध्य) श्री अरबिंदो समेत अन्य कॉलेज शामिल हैं।


इन कॉलेजों में प्रिंसिपल के पद लंबे समय से खाली हैं। कार्यवाहक प्रिंसिपल के माध्यम से काम हो रहा है। वह बिना सरकार से पूछे ट्रेंकटिड गवर्निंग बॉडी का लाभ लेते हुए मनमानी नियुक्तियां कर रहे हैं। नियुक्तियों में रोस्टर प्रणाली की भी अनदेखी की जा रही है।

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