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12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम से नाखुश सीएम ने बोर्ड से तलब की रिपोर्ट

Sat, 20 May 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 20 May 2017 09:46 AM IST
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 cm seeks report from haryana board on 12th class result
school - फोटो : amarujala

12वीं की बोर्ड परीक्षा के खराब परिणाम से नाखुश मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बोर्ड से रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि खराब परिणाम देने वाले जिले व स्कूल अब बख्शे नहीं जाएंगे। इन पर गाज गिरनी तय है। बताया जा रहा है कि लगातार आ रहे खराब परिणाम के कारण हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से जिले व स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। बोर्ड चेयरमैन ने तत्काल प्रभाव से इस संबंध में कुछ जानकारी मुख्यमंत्री को उपलब्ध करा दी है। बताया जा रहा है फरीदाबाद के लगातार दूसरी बार 21वें पायदान पर रहने के कारण अधिकारियों पर नकेल कसी जाएगी। 

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 फरीदाबाद औद्योगिक सिटी होने के साथ दिल्ली एनसीआर का प्रमुख शहर होने के कारण 12 वीं के परिणाम पर केंद्र सरकार की नजर भी थी। ऐसे में मात्र 47.86 प्रतिशत परिणाम रहने के बाद जिले के अधिकारियों के साथ राजनेताओं की सांसे फूल गई है। वह बयान भी देने से बच रहे हैं। खराब परिणाम देने के बाद लगातार दूसरी बार अधिकारियों की तरफ से समीक्षा के बयान सामने आए है। 
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वहीं शहर के सेक्टर-16 स्थित जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में सोमवार से प्रतिदिन 10 शिक्षकों को जवाब तलब किया जाएगा। 10 शिक्षकों को अपनी विषय वाइज रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा अपने स्तर पर समीक्षा करने के बाद राज्य सरकार को जानकारी दी जाएगी। जिन स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ है, वह स्कूल बहाना बनाकर इस बार बच नहीं पाएंगे। 
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10 वीं के विद्यार्थियों की फूली सांसे
हरियाणा बोर्ड के 12 वीं के नतीजों ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ा दी है। अभिभावक एवं शिक्षक इस बात से परेशान हैं कि कहीं 12वीं की तरह कहीं 10वीं का परिणाम भी फरीदाबाद गच्चा न दे जाए। हालांकि जिला शिक्षा विभाग ने परिणाम की समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं नए सत्र में निजी स्कूल के शिक्षक सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए आगे आएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा योजना पर काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि लगातार दूसरे वर्ष 21 वें पायदान पर रहने के कारण इस सत्र में निजी भागीदारी के साथ शिक्षण व्यवस्था को गति मिल सकती है। 10वीं का परिणाम शनिवार को आएगा कि नहीं अभी इस पर संशय है। 

सरकारी एजुकेशन कैसे होगा स्मार्ट
एक तरफ स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया और तकनीकी शिक्षा को लेकर बढ़े बढ़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली एनसीआर के इस फरीदाबाद जिले का एजुकेशन स्मार्ट ही नहीं हो पाया है। हरियाणा बोर्ड के घोषित परिणामों ने जिले की पोल खोल रख दी है। शहर से तीन तीन मंत्री होने के बावजूद लगातार दूसरे वर्ष भी परिणाम के मामले में जिला सबसे अंतिम पायदान पर रहा। जिले में व्याख्याता के 1140 पद स्वीकृत है। जिसमें 688 नियमित रूप से सेवाएं दे रहे है। अतिथि व्याख्याता के तौर पर 69 सेवाएं दे रहे है। जबकि 450 पद वर्तमान में खाली है। गणित के 155 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 67 ही भरे हुए है, बाकी में विद्यार्थियों द्वारा स्वयं पढ़ाई की जा रही है। 

जिले का अंतिम पायदान पर रहना अच्छी बात नहीं है। शिक्षकों के रिक्त पद खराब परिणाम का कारण है। शिक्षकों को अन्य कार्यो से मुक्त किया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों का भविष्य खराब ना हो।  

-पीडी शर्मा, सेवानिव़ृत प्राचार्य राजकीय, फरीदाबाद

परीक्षा परिणाम का कम रहना चिंता का विषय है। इसकी राजनैतिक एवं प्रशासनिक तौर पर समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों से जानकारी लेकर कमियों का पता किया जाएगा। 
-कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार

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