{"_id":"5956285a4f1c1b93538b4a31","slug":"class-1-student-gets-class-10-homework","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"छोटे-छोटे बच्चों को दिए जा रहे ऐसे होमवर्क जिससे बड़ों के भी छूट जाएं पसीने","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
छोटे-छोटे बच्चों को दिए जा रहे ऐसे होमवर्क जिससे बड़ों के भी छूट जाएं पसीने
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:01 AM IST
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kids in school
छोटे-छोटे बच्चों को जिस तरह से इन दिनों स्कूलों की ओर से छुट्टियों में होमवर्क दिए जा रहे हैं वह बच्चों से ज्यादा से उनके अभिभावकों का काम बढ़ा रहा है। इसके बाद स्कूल वाले इन सब से इस तरह अनजान बन जाते हैं जैसे वह जानते ही नहीं कि ये होमवर्क बच्चों ने किया है या उनके मम्मी-पापा ने।
ऐसे ही एक होमवर्क की याद कर 9वीं क्लास के एक बच्चे के माता पिता बताते हैं कि कैसे उनके बच्चे को छुट्टियों में स्कूल से इलेक्ट्रिक सर्किट बनाने का प्रोजेक्ट मिला था।
इसी तरह एक और मम्मी पापा याद करते हैं कि जब उनकी बेटी 10 साल की थी तो उसे एक एम्यूजमेंट पार्क का थ्रीडी मॉडल बनाने को दिया गया था। बच्चों के अभिभावक बताते हैं कि कैसे अक्सर मई जून की गरमी की छुट्टियां ऐसे प्रोजेक्ट वर्क को पूरा करने के के आतंक में निकलती हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि कैसे उनके बच्चों को मिलने वाला प्रोजेक्ट वर्क उन दोनों के लिए ही एक बड़ा सिरदर्द होता है। आखिरकार जब उन लोगों के पास कोई चारा नहीं बचता तो उन्हें बाहरी विशेषज्ञ के पास जाकर प्रोजेक्ट पूरा कराना पड़ता है ताकि बच्चों के मार्क्स कम न हों।
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ऐसे ही एक होमवर्क की याद कर 9वीं क्लास के एक बच्चे के माता पिता बताते हैं कि कैसे उनके बच्चे को छुट्टियों में स्कूल से इलेक्ट्रिक सर्किट बनाने का प्रोजेक्ट मिला था।
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इसी तरह एक और मम्मी पापा याद करते हैं कि जब उनकी बेटी 10 साल की थी तो उसे एक एम्यूजमेंट पार्क का थ्रीडी मॉडल बनाने को दिया गया था। बच्चों के अभिभावक बताते हैं कि कैसे अक्सर मई जून की गरमी की छुट्टियां ऐसे प्रोजेक्ट वर्क को पूरा करने के के आतंक में निकलती हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि कैसे उनके बच्चों को मिलने वाला प्रोजेक्ट वर्क उन दोनों के लिए ही एक बड़ा सिरदर्द होता है। आखिरकार जब उन लोगों के पास कोई चारा नहीं बचता तो उन्हें बाहरी विशेषज्ञ के पास जाकर प्रोजेक्ट पूरा कराना पड़ता है ताकि बच्चों के मार्क्स कम न हों।
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kids in school
ऐसे होमवर्क जो 11वीं के छात्रा के लिए भी बहुत मुश्किल हैं उन्हें छोटी कक्षा के छात्रों को थमा दिया जाता है। हद तो तब हो गई जब एक नामी स्कूल के क्लास 2 के बच्चे को दिल्ली मेट्रो और फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट तैयार करने को होमवर्क दिया गया।
इस बात से बच्चे से ज्यादा उनके माता पिता हैरान थे और ये सोचने को मजबूर थे कि आखिर किस तरह यह उनके बच्चे के विकास में मदद करेगा।अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के नामी प्राइवेट स्कूल ने बिल्कुल वही होमवर्क दिया था जो अमेरिका के कनसास की एक टीचर के मैनुअल में था।
विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों को ऐसे होमवर्क इसलिए मिल रहे हैं क्योंकि टीचर बच्चों का लेवल देखने के बजाय इंटरनेट पर उनके लिए होमवर्क ढूंढते हैं। उषा राम लक्ष्मण पब्लिक स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल इन बातों को जानती हैं। वो कहती हैं कि टीचर्स को ज्यादा मुश्किल होमवर्क देने की बजाय कुछ ऐसा काम देना चाहिए जिससे बच्चे घर से बाहर निकलें, दूसरों से बातचीत करें, उनकी समझ बढ़े और उनका विकास हो।
इस बात से बच्चे से ज्यादा उनके माता पिता हैरान थे और ये सोचने को मजबूर थे कि आखिर किस तरह यह उनके बच्चे के विकास में मदद करेगा।अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के नामी प्राइवेट स्कूल ने बिल्कुल वही होमवर्क दिया था जो अमेरिका के कनसास की एक टीचर के मैनुअल में था।
विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों को ऐसे होमवर्क इसलिए मिल रहे हैं क्योंकि टीचर बच्चों का लेवल देखने के बजाय इंटरनेट पर उनके लिए होमवर्क ढूंढते हैं। उषा राम लक्ष्मण पब्लिक स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल इन बातों को जानती हैं। वो कहती हैं कि टीचर्स को ज्यादा मुश्किल होमवर्क देने की बजाय कुछ ऐसा काम देना चाहिए जिससे बच्चे घर से बाहर निकलें, दूसरों से बातचीत करें, उनकी समझ बढ़े और उनका विकास हो।