{"_id":"5b78535842c79246633fccc4","slug":"central-government-can-change-jee-advance-exam-pattern","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जेईई एडवांस परीक्षा स्क्रैप नहीं, आसान बनाने पर होगा काम","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
जेईई एडवांस परीक्षा स्क्रैप नहीं, आसान बनाने पर होगा काम
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 19 Aug 2018 02:42 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी में बीटेक प्रोग्राम के दाखिले के लिए आयोजित जेईई एडवांस की परीक्षा स्क्रैप नहीं होगी। केंद्र सरकार जेईई एडवांस परीक्षा पैटर्न में बदलाव (रिफार्म) करके उसे आसान बनाने की तैयारी में है।
आईआईटी काउंसिल की सोमवार को आयोजित होने वाली बैठक में इसके लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
खास बात यह है कि जेईई एडवांस रैंक के आधार पर इंस्टीट्यूट तो अलाट होगा, लेकिन पहले वर्ष में कोई ब्रांच नहीं मिलेगी। तीसरे सेमेस्टर में एप्टिट्यूड टेस्ट के आधार पर छात्र को ब्रांच दी जाएगी।
आईआईटी काउंसिल एजेंडा के मुताबिक अशोक मिश्रा कमेटी की सिफारिशों के तहत जेईई एडवांस परीक्षा में बदलाव होगा। दरअसल, आईआईटी में दाखिले के लिए छात्र छठीं कक्षा से ही निजी कोचिंग में लाखों रुपये का पैकेज खर्च करते हैं। इससे छात्र अत्यधिक तनाव में रहते हैं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने की संभावनाओं पर कमेटी राय देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईआईटी काउंसिल की सोमवार को आयोजित होने वाली बैठक में इसके लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
खास बात यह है कि जेईई एडवांस रैंक के आधार पर इंस्टीट्यूट तो अलाट होगा, लेकिन पहले वर्ष में कोई ब्रांच नहीं मिलेगी। तीसरे सेमेस्टर में एप्टिट्यूड टेस्ट के आधार पर छात्र को ब्रांच दी जाएगी।
विज्ञापन
आईआईटी काउंसिल एजेंडा के मुताबिक अशोक मिश्रा कमेटी की सिफारिशों के तहत जेईई एडवांस परीक्षा में बदलाव होगा। दरअसल, आईआईटी में दाखिले के लिए छात्र छठीं कक्षा से ही निजी कोचिंग में लाखों रुपये का पैकेज खर्च करते हैं। इससे छात्र अत्यधिक तनाव में रहते हैं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने की संभावनाओं पर कमेटी राय देगी।
विज्ञापन
पहले साल नॉलेज बढ़ाने पर जोर
जेईई एडवांस क्वालिफाइंग स्कोर के आधार जोशा ज्वाइंट काउंसलिंग से इंस्टीट्यूट व ब्रांच देता है। इस नियम में बदलाव होते ही जोशा काउंसलिंग में दाखिले के दौरान सिर्फ इंस्टीट्यूट मिलेगा। पहले साल किसी ब्रांच की पढ़ाई नहीं होगी। इस दौरान छात्र का तनाव कम करने, लैंग्वेज में सुधार समेत नालेज को अपग्रेड करने पर फोकस रहेगा। तीसरे सेमेस्टर यानी दूसरे साल एप्टिट्यूड टेस्ट होगा। इसके आधार पर छात्र को ब्रांच मिलेगा।
अब सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से गेट में दाखिला
आईआईटी व आईआईएससी में एमटेक व डायरेक्ट पीएचडी में दाखिले के लिए गेट (ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) परीक्षा आयोजित की जाती है। वहीं, कई पब्लिक सेक्टर यूनिट(पीएसयू) भी गेट स्कोर के आधार पर छात्रों को नौकरी में चयन करते हैं। पीएसयू के चलते आईआईटी व आईआईएससी में एमटेक प्रोग्राम की सीट खाली रह जाती हैं।
अब सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से गेट में दाखिला
आईआईटी व आईआईएससी में एमटेक व डायरेक्ट पीएचडी में दाखिले के लिए गेट (ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) परीक्षा आयोजित की जाती है। वहीं, कई पब्लिक सेक्टर यूनिट(पीएसयू) भी गेट स्कोर के आधार पर छात्रों को नौकरी में चयन करते हैं। पीएसयू के चलते आईआईटी व आईआईएससी में एमटेक प्रोग्राम की सीट खाली रह जाती हैं।
सरकार ने सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के माध्यम से गेट स्कोर के तहत दाखिला देने की योजना बनायी है। इसमें यदि किसी छात्र का पीएसयू में नौकरी के लिए चयन हो जाता है तो उक्त संस्थान की एमटेक की सीट खाली नहीं रहेंगी। इस सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में संयुक्त पोर्टल भी बनाया जाएगा।
कानपुर इजरायल-यूके, रुड़की साउथ कोरिया तो मंडी स्कैंडिनेवियन जाएगा
आईआईटी में विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए अब आईआईटी प्रबंधन की टीम विभिन्न देशों का दौरा करेगी। इसके तहत आईआईटी कानपुर की टीम इजरायल व यूके, आईआईटी रुड़की साउथ कोरिया, आइआईटी मंडी स्कैंडिनेवियन (नार्वे, स्वीडन व डेनमार्क आदि), आईआईटी दिल्ली यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका आदि देशों में जाकर छात्रों को आईआईटी से जोड़ने पर काम करेगी।
कानपुर इजरायल-यूके, रुड़की साउथ कोरिया तो मंडी स्कैंडिनेवियन जाएगा
आईआईटी में विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए अब आईआईटी प्रबंधन की टीम विभिन्न देशों का दौरा करेगी। इसके तहत आईआईटी कानपुर की टीम इजरायल व यूके, आईआईटी रुड़की साउथ कोरिया, आइआईटी मंडी स्कैंडिनेवियन (नार्वे, स्वीडन व डेनमार्क आदि), आईआईटी दिल्ली यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका आदि देशों में जाकर छात्रों को आईआईटी से जोड़ने पर काम करेगी।