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किताबों का बोझ कम करने के लिए सीबीएसई ने मांगी राय

Mon, 26 Sep 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 26 Sep 2016 12:03 AM IST
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CBSE opinion sought to ease the burden of books
CBSE

निजी स्कूलों में बस्ते के बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) जुट गया है। इसके लिए बोर्ड की ओर से सीसीई (कंटीनुअस एंड कम्प्रीहेंसिव एवेल्युशन) पर स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षकों और अभिभावकों से ऑनलाइन फीडबैक मांगा गया है। 

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इसके लिए बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर परफॉर्मा जारी किया है। इसका मकसद सीसीई स्कीम में सुधार की संभावनाएं तलाशने के साथ बेहतर ढंग से लागू करना है।

दरअसल बोर्ड के पास लगातार शिकायतें आ रहीं थीं कि सीसीई स्कीम के चलते बच्चों पर बोझ काफी बढ़ गया है। हर रोज कोई न कोई प्रोजेक्ट व असाइनमेंट दिया जा रहा है। 
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होमवर्क भी बढ़ गया है। इसी को देखते हुए बोर्ड ने फीडबैक प्रक्रिया शुरू की है। जारी परफॉर्मा में बोर्ड ने पूछा है कि क्या स्कूल सीसीई स्कीम को ठीक से लागू कर पा रहे हैं या नहीं? 
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कहीं सीसीई के चलते बच्चों पर होमवर्क का बोझ तो नहीं बढ़ गया है? सीसीई में विद्यार्थियों से किस तरह के टेस्ट या असाइनमेंट करवाए जा रहे हैं, इसका जिक्र भी परफॉर्मा में किया गया है। 

स्कूल प्रिंसिपलों का कहना है कि इस परफॉर्मा के आधार पर मिले फीडबैक के बाद बोर्ड निर्णय लेगा। फिर सीबीएसई सीसीई को लेकर स्कूलों को दिशा- निर्देश जारी करेगी, ताकि यह स्कीम बोर्ड के मुताबिक चल सके।

बता दें कि बोर्ड इस मसले पर पहले ही साफ कह चुका है कि सीसीई का का मतलब यह नहीं है कि स्कूल हर रोज विद्यार्थियों पर कोई प्रोजेक्ट, असाइनमेंट या टेस्ट का बोझ लादें। 


गुड़गांव सहोदय सीबीएसई स्कूल संगठन के अध्यक्ष भीष्म भारद्वाज का कहना है कि सीबीएसई ने सभी स्कूलों को फीडबैक के बारे में सूचना दी है। अपने पोर्टल पर ऑनलाइन जारी कर राय मांगी है। अब नए सेशन के लिए क्या नीति बनाई जाए, इसका आधार फीडबैक को बनाया जाएगा।

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