CBSE RESULT: एक फीसदी रिजल्ट गिरा पर पिछले साल से बढ़े टॉपर के अंक
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सीबीएसई के 12वीं कक्षा के रिजल्ट में बेशक मॉडरेशन पॉलिसी के तहत छात्रों को कठिन सवालों पर अतिरिक्त अंक देकर राहत दी गई है, लेकिन फिर ओवरऑल पास फीसदी में 1.03 फीसदी गिरावट आई है।
पास फीसदी में बेशक गिरावट है, लेकिन ऑल इंडिया टॉपर के पास प्रतिशत में प्वाइंट दो फीसदी की बढ़ोतरी है। खास बात यह है कि सीबीएसई का पास फीसदी गिरने का असर अब डीयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों की 100 फीसदी कटऑफ में कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि छात्रों के पास फीसदी अंकों में बढ़ोतरी हुई है।
वर्ष 2016 में सीबीएसई के 12वीं कक्षा के रिजल्ट का पास फीसदी 83.05 था और वर्ष 2017 में 82.02 फीसदी रहा है। वहीं पिछले वर्ष ऑल इंडिया टॉपर सुकृति गुप्ता को 497/500 अंक (99.4 फीसदी) मिले थे।
मॉडरेशन पॉलिसी के तहत कठिन सवालों पर छात्रों को मिले हैं अतिरिक्त अंक
जबकि इस बार एक फीसदी से अधिक रिजल्ट में गिरावट आने के बाद भी ऑल इंडिया टॉपर रक्षा गोपाल को 498/500 अंक (99.6 फीसदी) मिले हैं। इसी प्रकार पिछले साल की दूसरी टॉपर पलक गोयल को 496/500 अंक (99.2 फीसदी) मिले थे, जबकि इस वर्ष भूमि सांवत को 497 अंक (99.4 फीसदी) मिले हैं।
इसी प्रकार पिछले साल के संयुक्त रूप से तीसरे टॉपर सौम्या उप्पल व अजीस सीकर 495/500 अंक (99 फीसदी) मिले थे और इस वर्ष संयुक्त रूप से तीसरे टॉपर आदित्य जैन व मन्नत लूथरा 496/500 (99.2 फीसदी) प्राप्त हुए हैं।
पिछले वर्ष ऑल इंडिया टॉपर को जो अंक हासिल थे, इस बार दूसरे नंबर के टॉपर ने उतने ही अंकों के साथ है। जबकि इस वर्ष तीसरे नंबर के टॉपर के अंक पिछले वर्ष दूसरे टॉपर को मिले थे।
100 फीसदी कटऑफ में नहीं होगा नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि सीबीएसई के ओवरऑल पास फीसदी में बेशक एक फीसदी की गिरावट है, लेकिन ऑल इंडिया टॉपर के अंकों में बढ़ोतरी होने के चलते डीयू, अंबेडकर समेत अन्य विश्वविद्यालयों की सौ फीसदी कटऑफ में छात्रों को नुकसान नहीं होने वाला है। क्योंकि सीबीएसई के 95 फीसदी और 90 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले छात्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।